Sharjeel Imam की कैद के 2028 दिन, भाई मुजम्मिल इमाम का छलका दर्द, कहा- मां ने पांच सालों से ईद नहीं मनाई
Sharjeel Imam News Update: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ चुका है। पक्ष-विपक्ष के नेताओं की चुनावी तैयारियों के बीच शरजील इमाम के चुनाव लड़ने की चर्चा तेज़ है। इसी क्रम में वनइंडिया हिंदी के वरिष्ठ संवाददाता इंज़माम वहीदी से ख़ास बातचीत में शरजील के भाई मुज़म्मिल इमाम छलका दर्द, उन्होंने बताया कि एक मां अपने बेटे के बिना किस तरह ज़िंदगी गुज़ार रही है, भाई पर क्या बीत रही है।
मुज़म्मिल इमाम ने कहा कि 28 जनवरी 2020 उस दिन से लेकर आज तक ठीक 2028 दिन बीत चुके हैं। इन साढ़े पांच सालों में दुनिया बहुत बदली। मौसम बदले, कितनों की शादियां हुईं, कितनों को अल्लाह ने संतान से नवाज़ा, कितने बच्चे 12वीं से ग्रेजुएशन तक पहुँच गए, कितनों ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया, चुनाव आए और गए, कभी किसी पार्टी ने जीत का स्वाद चखा तो कभी किसी को हार का घूंट पीना पड़ा।

मगर इस पूरे वक़्त में एक चीज़ नहीं बदली, शरजील इमाम और उनके जैसे कई लोग अब भी सलाखों के पीछे बंद हैं। भाई मुजम्मिल इमाम ने अपने दिल का दर्द ज़ाहिर करते हुए कहा, कई लोगों ने हमदर्दी दिखाई, कई ने इल्ज़ाम लगाए, कई ने तो देशद्रोही तक करार दे दिया। लेकिन क्या कभी किसी ने सोचा कि इन कैदियों की ज़िंदगी कैसी होती है?
अंधेरी चारदीवारी, सूरज की रोशनी से महरूम कोठरी, एक ही कमरे में बना संडास, हज़ारों की कतार में बेस्वाद खाना, दवा तक न मिलना, और हफ़्तों कोर्ट पेशियों में वही उम्मीद, शायद आज कुछ अच्छा होगा। मुजम्मिल ने अपनी मां की हालत पर भी बेहद मार्मिक शब्द कहे।
उनका कहना है, मेरी मां पिछले 2027 दिनों से बिना रोए नहीं सोई हैं। उन्होंने पाँच साल से ईद नहीं मनाई, घर से निकलना छोड़ दिया, शादियों में जाना बंद कर दिया। वो आज एंटी-डिप्रेशन दवाइयों पर हैं। हर दिन, हर दुआ में उन्होंने बस अपने बेटे की रिहाई मांगी है।
शरजील इमाम पर लगे आरोपों को लेकर मुजम्मिल ने समाज के रवैये पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, लोगों को कहना आसान लगता है, शरजील बेवकूफ हैं, बहक गए हैं, बीजेपी को फायदा पहुंचा रहे हैं, सेकुलर पार्टियों के इशारे पर चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन जो तकलीफ़ वो और उनका परिवार झेल रहा है, उसका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता।
मुजम्मिल ने कहा कि हमें किसी से उम्मीद नहीं, न ही किसी ताक़त से डर। हमारा ईमान है कि अल्लाह हमारे साथ इंसाफ़ ज़रूर करेंगे। जो साथ हैं उनका भी शुक्रिया और जो नहीं भी हैं उनका भी। अल्लाह सबको हिदायत दें।












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