Bihar RJD: राजद के इतिहास में पहली बार बदलेगी परंपरा, पार्टी में बढ़ेगा तेजस्वी यादव का कद!
Bihar RJD बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही राजद के समीकरण बदलने लगे हैं। पार्टी में दरार नहीं पड़े इसलिए अब लालू प्रसाद यादव बड़ा फ़ैसला कर सकते हैं। राजद के 25 सालों के इतिहास में जो नहीं हुआ...
Bihar RJD: बिहार में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद से ही राजद के समीकरण बदलने लगे हैं। पार्टी में दरार नहीं पड़े इसलिए अब लालू प्रसाद यादव बड़ा फ़ैसला कर सकते हैं। राजद के 25 सालों के इतिहास में जो नहीं हुआ है, वह अब हो सकता है। लालू प्रसाद यादव के इस फ़ैसले से राजद की ऐतिहासिक परंपरा बदलने वाली है। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना सकते हैं। राजद के गठन के बाद आज तक पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नहीं बनाया गया था। लेकिन अब इस परंपरा को बदलते हुए तेजस्वी यादव को यह पद मिलने की चर्चा तेज़ हो चुकी है।

RJD राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की वजह
दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में 10 अक्टूबर को राजद का अधिवेशन होने वाला है। इसी दौरान तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया जा सकता है। तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने की दो वजहे बताई जा रही है। पहली वजह की राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबियत नासाज़ चल रही है। स्वास्थ्य कारणों की वजह से वह पार्टी के सभी कामों को देखने में कभी-कभी असमर्थ हो जाते हैं। इलाज की वजह से उन्हें खाने-पीने तक में काफी परहेज़ करना होता है। ऐसे में पार्टी के कई अहम फ़ैसले उनकी दखलअंदाज़ी ज़रूरी होती है।

लालू यादव को तेजस्वी पर भरोसा
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के विकल्प के तौर पर पार्टी में किसी का होना ज़रूरी है। इसके साथ ही पार्टी को एकजुट रखना भी ज़रूरी है। इन सब मुद्दों को ध्यान में रखते हुए तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया जा सकता है। वहीं इसके पीछे दूसरी एक और वजह भी बताई जा रही है। लालू प्रसाद यादव तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं। यही वजह है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की तरफ़ से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार थे।

नई सरकार में तेजस्वी यादव बने डिप्टी सीएम
2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की सरकार नहीं बन पाई थी तो तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहे थे। वहीं अब बिहार में बाज़ी पलटी और महागठबंधन की सरकार में वह डिप्टी सीएम बने। लालू प्रसाद यादव को तेजस्वी यादव से बहुत उम्मीदें हैं, वह अपनी सियासी चाल की वजह से लालू प्रसाद की कसौटी पर खड़े उतर रहे हैं। लेकिन फिर भी लालू यादव ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनाया क्योंकि परिवार में ही कलह पैदा हो जाती।

राजद में बढ़ेगा तेजस्वी यादव का क़द
लालू प्रसाद यादव सभी स्थितियों को देखते हुए ही पार्टी में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फ़ैसला ले सकते हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि लालू प्रसाद यादव औपचारिक तौर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष घोषित करने का फ़ैसला ले सकते हैं। अभी राजद में तेजस्वी यादव के लिए समीकरण भी फिट बैठ रहा है। मौजूदा सरकार में वह उपमुख्यमंत्री भी हैं, इसके साथ ही उनके पास कई विभाग भी हैं। लालू प्रसाद यादव की तरफ़ से राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का ऐलान होते ही राजद में तेजस्वी यादव का क़द बढ़ जाएगा और उनकी सियासी सफर भी आसान हो जाएगी।
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