Bihar Politics: ‘कीटाणु और विषाणु’, बिहार की जनता के पास NDA वाला एंटीवायरस भी है- जीतन राम मांझी
Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछने लगी है। इसी क्रम में सीएम नीतीश के करीबी रहे आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर की पार्टी का रविवार को विलय हो गया। सियासी गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं इस पर सियासी बयानबाज़ी भी शुरू हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह की तीखी आलोचना की है। अपने एक्स हैंडल पर उन्होंने पोस्ट लिखा है कि 'कीटाणु और विषाणु मिलकर सोंचतें हैं कि सामने वालों को बर्बाद कर के ही दम लेंगें लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि बिहार की जनता के पास NDA वाला एंटीवायरस भी है जो हर तरह के वायरस को मारने में कारगर है। ये बात PK और RCP के जोड़ी को भी समझना चाहिए।'

जीतन राम मांझी ने आरसीपी सिंह द्वारा अपनी नवगठित पार्टी का प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में विलय करने पर भी बयानबाज़ी की, उन्होंने कहा कि कुछ महीने पुरानी पार्टी का विलय सार्वजनिक समर्थन की कमी की वजह से हुआ। दोनों नेताओं ने पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम किया था, लेकिन मुख्य रूप से अपने स्वार्थों के कारण वे अपने पदों पर बने रहने में विफल रहे।
बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर दोनों ही जेडी(यू) के एक समय में प्रमुख व्यक्ति थे और महत्वपूर्ण पदों पर थे। उन्होंने कहा यह सुनियोजित था।
जेडी(यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी आरसीपी सिंह और प्रशांत किशोर की आलोचना की। उन्होंने दोनों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को धोखा देने का आरोप लगाया और उन्हें अविश्वसनीय और स्वार्थी बताया। नीरज कुमार कुमार ने आरसीपी सिंह की संपत्ति संचय और प्रशांत किशोर के तेलंगाना में कंपनियों के साथ संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की बात कही।
नीतीश कुमार ने एक साहसिक चुनौती देते हुए आरसीपी सिंह को नालंदा के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दी और कहा कि आरसीपी सिंह को ग्राम प्रधान के चुनाव से भी कम वोट मिलेंगे, अगर ऐसा नहीं हुआ तो राजनीति छोड़ देंगे।












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