Bihar News: 'दलितों को प्रतिनिधित्व दिया,लेकिन भागीदारी नहीं', पटना में भाजपा पर बरसे राहुल गांधी
Rahul Gandhi Patna: लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पटना में भाजपा पर दलितों के प्रतिनिधित्व को लेकर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जबकि दलितों को प्रतिनिधित्व तो दिया जा रहा है, लेकिन उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई असल शक्ति नहीं दी जा रही है।
पटना में जगलाल चौधरी जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, "भारत की शक्ति संरचना में आज शिक्षा, स्वास्थ्य, कॉर्पोरेट, व्यवसाय, न्यायपालिका, इन सभी क्षेत्रों में आपकी कितनी भागीदारी है?दलितों को प्रतिनिधित्व दिया गया है, लेकिन इसका कोई अर्थ नहीं अगर शक्ति संरचना में उनकी कोई भागीदारी नहीं है। अगर आपको मंच पर बिठा दिया जाए और फैसले मंच के पीछे से लिए जाएं, तो उसका कोई मतलब नहीं है।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि सवाल नियंत्रण और भागीदारी का है। आज ये एक फैशन बन गया है कि अलग-अलग जातियों को टिकट दिए जाते हैं, प्रधानमंत्री मोदी भी यही कहते हैं, लेकिन फिर आप (पीएम मोदी) विधायकों की शक्तियां छीन लेते हैं। यहां तक कि लोकसभा के सांसदों के पास भी कोई निर्णय लेने की शक्ति नहीं है। आपने मंत्रियों को बना दिया, लेकिन ओएसडी (विशेष कार्य अधिकारी) तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से होता है।
फिर किया अडानी और अंबानी का ज़िक्र
राहुल गांधी ने आगे दलितों की स्वास्थ्य क्षेत्र में भी भागीदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "अडानी और अंबानी के नाम पर अस्पताल बनाए जा रहे हैं, लेकिन दलित नेताओं के नाम पर कोई अस्पताल क्यों नहीं बनते?" उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कॉर्पोरेट कंपनियों को सरकार से ज़मीन और संसाधन मिल रहे हैं, जबकि दलितों के लिए ऐसी कोई योजना नहीं है।
उठाया जातीय जनगणना का मुद्दा
उन्होंने संसद में अपने भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने दो प्रमुख मुद्दों पर जोर दिया था: पहला, तकनीकी और गतिशीलता क्रांति की आवश्यकता, और दूसरा, जातीय जनगणना का महत्व। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के डेढ़ घंटे के जवाब में जातीय जनगणना का कोई उल्लेख नहीं था, क्योंकि भाजपा इसे नहीं चाहती है।
"मैं इस मुद्दे को उठाना चाहता हूं और यह साफ करना चाहता हूं कि दलितों को कहीं भी सही तरीके से भागीदारी नहीं दी जा रही है। जब डेटा उपलब्ध होगा, तब यह साफ होगा और दलितों और आदिवासियों को स्थिति समझ में आएगी। इससे एक नई राजनीति का जन्म होगा," उन्होंने कहा।
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भाजपा पर संविधान को कमजोर करने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने भारतीय संविधान की अहमियत पर भी जोर दिया और भाजपा पर संविधान को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि दिल्ली चुनाव महत्वपूर्ण है, लेकिन यह कार्यक्रम भी महत्वपूर्ण है। मैंने वोट डाला और फिर सीधे यहां आया। संविधान, जिसे हमारे दलित नेता डॉ. अंबेडकर ने तैयार किया, हमारे अधिकारों का प्रमाण है। यही संविधान सभी के लिए भागीदारी की गारंटी देता है, लेकिन भाजपा इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही है, जिसे हम बर्दाश्त नहीं कर सकते।"
राहुल गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि दलितों और पिछड़ों को नेतृत्व में स्थान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं लड़ाई लड़ रहा हूं और लड़ा करूंगा, ताकि नेतृत्व में दलित और पिछड़े लोग हों। यह संविधान आपके हजारों सालों के दर्द को समेटे हुए है, और यही आपको नया भविष्य और असल भागीदारी दे सकता है। इसलिए भाजपा और RSS इसको खत्म करना चाहते हैं। वे सामने से अंबेडकर के सामने मत्था टेकते हैं, लेकिन जिनके लिए अंबेडकर ने जीवन दिया, उन्हें खत्म कर रहे हैं। वे स्कॉलरशिप खत्म करते हैं, रोहित वेमुला को मार देते हैं, और फिर अंबेडकर के सामने हाथ जोड़ते हैं।"उन्होंने अंत में कहा, "मैं दलितों और पिछड़ों के नेतृत्व में भागीदारी के लिए लड़ रहा हूं और लड़ता रहूंगा।"












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