संसद में ट्रंप और PM मोदी पर राहुल गांधी ने आखिर ऐसा क्या बोला? जो भड़क उठे किरेन रिजिजू
Rahul Gandhi Speech Lok Sabha: केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने आज लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उद्घाटन समारोह पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण को लेकर की गई टिप्पणी का विरोध किया। रिजिजू ने कहा, "विपक्ष के नेता ऐसे गंभीर और बिना तथ्य के बयान नहीं दे सकते। यह दो देशों के बीच संबंधों से जुड़ा मसला है और राहुल गांधी हमारे प्रधानमंत्री के निमंत्रण के बारे में अपुष्ट बयान दे रहे हैं।"
इस पर राहुल गांधी ने जवाब देते हुए कहा, "मुझे खेद है कि मैंने आपकी शांति को भंग किया।"

दरअसल, राहुल गांधी ने एक कार्यक्रम में ए.आई. (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डेटा के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, "लोग ए.आई. के बारे में बात करते हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि ए.आई. खुद में कोई मायने नहीं रखता क्योंकि ए.आई. डेटा पर आधारित होता है। आज जो डेटा उत्पादन प्रणाली से निकलता है, वह बहुत स्पष्ट है। हर इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, जैसे कि मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक कारें, और पूरी दुनिया की अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स का डेटा चीन के पास है। वहीं, कंजम्प्शन डेटा अमेरिका के पास है।"
राहुल बोले, तो अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आएंगे
राहुल गांधी ने आगे कहा, "चीन इस क्षेत्र में भारत से कम से कम 10 साल आगे है। चीन पिछले 10 सालों से बैटरियां, रोबोट, मोटर्स और ऑप्टिक्स पर काम कर रहा है, और हम पीछे हैं। अगर हम अपनी उत्पादन प्रणाली को मजबूत करते हैं और इन तकनीकों पर काम करते हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आएंगे और हमारे प्रधानमंत्री को आमंत्रित करेंगे।" राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार की विदेश नीति में यह ध्यान रखा जाएगा कि भारतीय बैंकों और वित्तीय प्रणालियों को दो-तीन कंपनियों द्वारा कब्जा नहीं किया जाए, और छोटे तथा मंझले उद्योगपतियों को इसका पूरा फायदा मिले।
राहुल गांधी ने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अमेरिकी दौरे को लेकर भी सवाल उठाया और कहा, "हम प्रोडक्शन में बहुत पीछे हैं, इसका नतीजा यह है कि हम अपने प्रधानमंत्री को अमेरिका बुलाने के लिए भेजते नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति खुद हमारे प्रधानमंत्री को बुलाने के लिए यहां आएंगे।"
किरण रिजिजू ने जताई आपत्ति
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कहा, "यह गंभीर मामला है और विपक्ष के नेता को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। अगर राहुल गांधी के पास ठोस जानकारी है तो उसे सामने रखना चाहिए। देश की एकता को खतरे में डालने वाली बातों से बचना चाहिए। विदेश नीति पर इस तरह सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।"
राहुल गांधी ने मांगी माफ़ी
राहुल गांधी ने फिर कहा, "यदि आपको मेरे सवालों से परेशानी हो रही है तो मैं माफी चाहता हूं, लेकिन यह एक गंभीर मामला है और मुझे लगता है कि हमें इन मुद्दों पर खुलकर बात करनी चाहिए।" इसके बाद राहुल गांधी ने बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, "हम बेरोजगारी की समस्या को हल नहीं कर पाए हैं। न तो यूपीए सरकार ने और न ही मौजूदा सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए कोई ठोस कदम उठाए हैं।"
राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने अपनी बातों को खत्म करते हुए कहा, "मुझे याद है कि चुनाव से पहले भाजपा वाले '400 पार' कह रहे थे और संविधान को बदलने की बात कर रहे थे, लेकिन मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री को संविधान के सामने सिर झुकाना पड़ा। यह हमारे लिए गर्व का क्षण था।" उन्होंने अंत में आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा, "मोहन भागवत ने कहा था कि भारत को 1947 में आजादी नहीं मिली, लेकिन हम आपके इस सपने को कभी पूरा नहीं होने देंगे। संविधान हमेशा भारत पर राज करने वाला है।"












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