Rahul Gandhi Bihar: 24 मिनट में राहुल की पदयात्रा खत्म, 1KM चले, सभा को संबोधित किए बिना ही पटना क्यों लौट गए?
Rahul Gandhi Bihar: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने सोमवार (7 अप्रैल) को बिहार के बेगूसराय जिले में पार्टी की चल रही 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा में हिस्सा लिया।
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के नेतृत्व में चल रही इस यात्रा में राहुल गांधी शामिल तो हुए लेकिन महज वे 24 मिनट के भीतर ही यात्रा को छोड़ कर निकल गए। जिसके बाद बीजेपी समेत विपक्षी दल इसको लेकर सवाल उठा रही है।

अचानक यात्रा को छोड़ कर पटना के लिए रवाना
दरअसल, राहुल गांधी 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा में 1 किलोमीटर तक चलें। इस दौरान कई छात्रों का समस्याओं को भी सुना। लेकिन 1 किलोमीटर की यात्रा के बाद राहुल गांधी अचानक यात्रा को छोड़ कर पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन के लिए रवाना हो गए।
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नुक्कड़ सभा को भी नहीं किया संबोधित
बता दें कि राहुल गांधी को बेगूसराय में 'पलायन रोको, नौकरी दो' पदयात्रा के बाद एक नुक्कड़ सभा को भी संबोधित करना था। जिसके बाद पटना में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होना था। लेकिन उन्होंने केवल 24 मिनट की पदयात्रा के बाद बिना नुक्कड़ सभा को संबोधित किए ही पटना के लिए निकल गए।
ये दौरा नहीं, अपमान था- गिरिराज सिंह
वहीं इतनी कम दूर की पदयात्रा और नुक्कड़ सभा को संबोधित नहीं करने को लेकर बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय से बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि, 'राहुल गांधी का बेगूसराय दौरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के मुंह पर तमाचा साबित हुआ।'
उन्होंने आगे कहा कि, 'कार्यकर्ताओं ने पेट काटकर स्टेज बनाया, युवाओं ने 15 दिन मेहनत की और नेता जी आधे घंटे में बिना किसी से मिले, बिना जनसभा किए निकल लिए! ये दौरा नहीं, अपमान था। बेगूसराय को उनसे वैसे ही कोई उम्मीद नहीं थी ..लेकिन उनके हिट एंड रन की राजनीति ने राजनीति को और भी शर्मसार किया है। बेगूसराय में उन्हें कोई मुद्दा नहीं मिला तो वे अपना तय कार्यक्रम भी छोड़कर भाग निकले।'
बिहार अब चुप नहीं बैठेगा- राहुल
वहीं राहुल गांधी अपने इस पदयात्रा की तस्वीरें शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि, बिहार के युवाओं में जोश है, कुछ कर दिखाने का - और सरकार के खिलाफ आक्रोश है, उन्हें अवसर और समर्थन नहीं दिलाने का। "पलायन रोको, नौकरी दो" यात्रा में आज बेगूसराय की सड़कों पर हज़ारों युवाओं की भावना, उनका कष्ट और संकल्प साफ़ दिखा।
उन्होंने आगे लिखा कि, 'बेरोज़गारी और पलायन के खिलाफ ये आवाज़ अब बदलाव की पुकार बन चुकी है। बिहार अब चुप नहीं बैठेगा, युवा और अन्याय नहीं सहेगा - अपने अधिकार, रोजगार और न्याय की लड़ाई डट कर लड़ेगा।'












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