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Rabi Maha Abhiyan 2024: किसानों की कैसे सुधरेगी आर्थिक स्थिति, जागरूकता रथ की शुरुआत, जानिए मामला

Jehanabad News: 11 नवंबर 2024 को बिहार के जहानाबाद में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम हुआ। यह जिला स्तरीय रबी कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम रबी महाभियान 2024 पहल का हिस्सा था। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में शिक्षित करना।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और नई कृषि तकनीकों और मशीनरी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। जिला अधिकारी जहानाबाद अलंकृता पांडे ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें कृषि पेशेवरों और स्थानीय किसानों दोनों की सक्रिय भागीदारी देखी गई। कार्यशाला में किसानों की सहायता के लिए बनाई गई कई सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला गया।

Rabi Mahabhiyan Enhancing Farmers Economic Conditions Through Awareness and Training Initiatives

इनमें सब्सिडी दरों पर बीज वितरण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और कृषि यंत्रीकरण योजना शामिल हैं। अधिकारियों ने नवीनतम रबी फसल उत्पादन तकनीकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए ब्लॉक-स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजनाओं की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए रबी महाभियान किसान जागरूकता वाहन (रथ) की शुरुआत की गई।

अलंकृता पांडे ने अपने संबोधन के दौरान फसल विविधीकरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को धान और गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ मोटे अनाज, तिलहन और दलहन की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस दृष्टिकोण का उद्देश्य मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए नई कृषि तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों ने अपने बहुमूल्य विचार साझा किए। पौध संरक्षण प्रभाग, कृषि विज्ञान केंद्र गांधार। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के प्रतिनिधियों ने बीज उपचार, जलवायु अनुकूल कृषि और फसल अवशेष प्रबंधन पर चर्चा की। फसल अवशेषों को जलाने के दुष्प्रभावों पर जोर दिया और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के लाभों पर प्रकाश डाला।

मत्स्य विस्तार अधिकारी ने तालाब निर्माण और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसी मत्स्य पालन से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने भी इन विषयों पर जानकारी साझा करके अपना योगदान दिया। कार्यक्रम में खेती के तरीकों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न कृषि योजनाओं पर प्रस्तुतियाँ दी गईं।

कार्यक्रम के दौरान अलंकृता पांडे ने धान खरीद के लिए कम पंजीकरण संख्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से इस पहल के लिए अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। कृषि विभाग को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभिन्न लाभकारी योजनाओं का प्रदर्शन कर रबी फसल सीजन के लिए पर्याप्त तैयारी करने के निर्देश दिए।

इस कार्यक्रम में किसानों को आवश्यक संसाधन भी वितरित किए गए। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य के लिए दाल और चने के बीज भी वितरित किए गए। इन संसाधनों का उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखते हुए किसानों को उनकी कृषि उत्पादकता बढ़ाने में सहायता करना है।

कृषि विशेषज्ञों ने फसल अवशेषों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने वाले उपकरणों के लिए उपलब्ध सब्सिडी पर जोर दिया। यह पहल जहानाबाद में स्थानीय किसानों के बीच टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

कार्यशाला में सैकड़ों प्रगतिशील किसानों, कृषि समन्वयकों, तकनीकी प्रबंधकों और अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। उनकी सामूहिक उपस्थिति ने जहानाबाद में कृषि पद्धतियों को आगे बढ़ाने और किसान कल्याण को बढ़ाने के लिए साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

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