ललन के इस्तीफे से नीतीश को होगा भारी नुकसान? याद आई 14 साल पुरानी बात
बिहार की राजनीति में इस वक्त उथलपुथल मची हुई है। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के अंदर चल रहे घमासान के बीच आज राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। ललन सिंह के इस्तीफे के बाद करीब 14 साल पुरानी बात याद आ रही है।
बीते कई दिनों से इस बात की चर्चा तेज थी कि ललन सिंह और नीतीश कुमार के बीच सब ठीक नहीं है और ललन सिंह जल्द ही पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ललन सिंह ने पार्टी के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया।

पिछले कुछ समय से ललन सिंह के ऊपर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू यादव के साथ मिलकर जेडीयू को तोड़ने के आरोप लग रहे थे। गुरुवार को ललन सिंह और नीतीश कुमार की मुलाकात के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों के बीच बात बन गई है और अब सब ठीक है। लेकिन सूत्रों से हवाले से मिली खबर के अनुसार दोनों की की बातचीत होने के बाद शुक्रवार की सुबह अचानक ललन सिंह ने इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे के बाद याद आई 14 साल पुरानी बात
मुंगेर से संसद ललन सिंह के बाद करीब 14 साल पुरानी याद ताजा हो रही है। बात साल 2009 की है जब ललन सिंह ने नीतीश कुमार को सबक सिखाने का एलान किया था। विधानसभा में उन्होंने नीतीश कुमार को कमजोर करने की पूरी कोशिश भी की थी हालांकि इसमें सफल नहीं हो पाए थे।
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उसी दौरान अचानक नीतीश कुमार के खिलाफ कोर्ट में कई मुकदमे दायर हो गए थे। 2011 में नीतीश कुमार ने ललन सिंह से फिर से दोस्ती कर ली। दिलचस्प बात ये है कि दोनों की दोस्ती के बाद उन सारे मुकदमों के वादी ने कोर्ट आना बंद कर दिया जिनमें नीतीश कुमार पर आरोप लगाए गए थे।
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