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Nitish Kumar Hijab Row: हिजाब कांड पर मशहूर सिंगर ने नीतीश कुमार का किया समर्थन, कहा- CM का हृदय से अभिनंदन

Nitish Kumar Hijab Controversy: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुस्लिम महिला का हिजाब (बुर्का) हटाए जाने पर छिड़ा विवाद अब एक नई दिशा ले चुका है। जहाँ राजनीतिक दल इस पर आक्रामक हैं, वहीं प्रख्यात गायिका प्रिया मल्लिक ने नीतीश कुमार का खुला समर्थन कर हलचल मचा दी है।

प्रिया ने इसे 'स्त्री सशक्तिकरण' और 'गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने' वाला कदम बताया है। मजाज़ लखनवी के शेर के साथ उन्होंने स्पष्ट किया कि कामकाजी महिलाओं के लिए बुर्का या घूंघट पहचान छिपाने का जरिया नहीं, बल्कि बाधा है।

Nitish Kumar Hijab Controversy

Bihar CM Hijab Row: प्रिया मल्लिक का नीतीश कुमार को समर्थन

गायिका प्रिया मल्लिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक लंबा पोस्ट लिखकर मुख्यमंत्री के इस कदम को साहसी बताया। उन्होंने लिखा कि नीतीश कुमार ने अपनी पोती की उम्र की लड़की का बुर्का स्नेहपूर्वक हटाया था, जिसे स्वावलंबन के प्रोत्साहन के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, इसे राजनीतिक चश्मे से देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रिया ने इसे एक सामाजिक संदर्भ में देखा है जहाँ एक लड़की को उसकी अपनी पहचान और स्वायत्तता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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बुर्का और घूंघट को बताया 'गुलामी का प्रतीक'

अपने पोस्ट में प्रिया मल्लिक ने एक कड़ा तर्क देते हुए कहा कि ओढ़नी और दुपट्टा तो सम्मान का प्रतीक हो सकते हैं, लेकिन घूंघट और बुर्का एक कामकाजी महिला के लिए गुलामी की निशानी हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला सार्वजनिक स्थल या कार्यस्थल पर है, तो उसकी पहचान छिपी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक अनुष्ठानों में इनकी अपनी सुंदरता हो सकती है, लेकिन पेशेवर जीवन में यह महिला के आत्मविश्वास को कम करने जैसा है।

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कामकाजी महिलाओं के पहचान का सवाल

प्रिया ने जोर देकर कहा कि अगर लड़कियां घर से बाहर निकलकर काम कर रही हैं, तो उनके चेहरे को भी समाज में पूरा सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए। कार्यस्थल पर बुर्के या घूंघट में रहना उस महिला का सार्वजनिक अपमान है। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस 'निश्चल व्यवहार' से कामकाजी महिलाओं को अपनी पहचान सार्वजनिक करने का साहस दिया है। यह बयान अब सोशल मीडिया पर महिला अधिकारों की एक नई बहस छेड़ चुका है।

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राजनीतिक विरोध बनाम सामाजिक सुधार

विपक्ष जहां नीतीश कुमार के इस कृत्य को धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और अमर्यादित व्यवहार बता रहा है, वहीं प्रिया मल्लिक ने इसे 'स्त्री मुक्ति' का पहला कदम माना है। उन्होंने मुख्यमंत्री के पुराने विवादों और उनकी माफी का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। यह विवाद अब धर्म और राजनीति से ऊपर उठकर परंपरा बनाम आधुनिकता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की लड़ाई में तब्दील होता नजर आ रहा है।

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