Nitish Kumar: राज्यसभा सांसद बनने के बाद आया नीतीश कुमार का पहला रिएक्शन, मांझी ने क्यों कहा-नहीं देंगे बधाई?
Nitish Kumar: बिहार की सियासत में शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने औपचारिक रूप से राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेकर अपनी नई संसदीय पारी की शुरुआत की। संसद परिसर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में देश के दिग्गज नेताओं का जमावड़ा रहा, लेकिन सबकी नजरें नीतीश कुमार पर टिकी थीं।
शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार के बयान ने राज्य से लेकर केंद्र तक राजनीतिक कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। इसे महज एक शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि बिहार के आगामी राजनीतिक समीकरणों के बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सत्ता के गलियारों में अब इस बात की चर्चा तेज है कि क्या नीतीश कुमार सक्रिय राज्य राजनीति से धीरे-धीरे केंद्र की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

शपथ के बाद नीतीश कुमार का पहला बयान
शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब नीतीश कुमार संसद भवन से बाहर निकले, तो पत्रकारों ने उनसे उनकी नई भूमिका को लेकर सवाल किए। नीतीश ने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए सिर्फ एक वाक्य कहा,"पहले तो हम यहीं न थे।" उनका यह छोटा सा जुमला अब चर्चा का केंद्र बना हुआ है। राजनीतिक विश्लेषक इसके अलग-अलग मायने निकाल रहे हैं। कुछ इसे उनकी पुरानी यादों से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे भविष्य की बड़ी भूमिका का संकेत मान रहे हैं।
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जीतन राम मांझी ने कहा-'नहीं दूंगा बधाई'
एक तरफ जहां नीतीश कुमार को बधाइयां मिल रही थीं, वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर बेहद अलग टिप्पणी की है। मांझी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि वे बधाई नहीं देंगे। उन्होंने लिखा, "बिहार आपको मिस करेगा, यह सिर्फ मैं नहीं बल्कि पूरे राज्य की जनता कह रही है।" मांझी के इस बयान को नीतीश के दिल्ली जाने से बिहार में पैदा होने वाले 'शून्य' के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम मोदी ने सराहा, बेटे निशांत ने दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार को बधाई देते हुए उन्हें देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताया। पीएम ने कहा कि सुशासन (Good Governance) नीतीश कुमार की पहचान है और बिहार के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। वहीं, पारिवारिक मोर्चे पर उनके बेटे निशांत ने भी सोशल मीडिया के जरिए अपने पिता और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इस नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
शपथ समारोह में दिग्गजों का जमावड़ा
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के मौके पर NDA और विपक्षी खेमे के कई प्रमुख चेहरे नजर आए। समारोह में BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अर्जुन राम मेघवाल मौजूद रहे। इसके अलावा JDU के संजय झा, कांग्रेस के जयराम रमेश और BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
अखिलेश यादव ने कसा 'धोखे' वाला तंज
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश ने सहानुभूति और तंज के मिले-जुले लहजे में कहा, "हम तो चाहते थे कि नीतीश जी प्रधानमंत्री बनकर राजनीति से विदा लें।" उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार के साथ बड़ा राजनीतिक धोखा हुआ है और अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें राज्यसभा सदस्य के तौर पर ही राजनीति से रिटायर होना पड़ सकता है।
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