कौन हैं RS Bhatti जो बने बिहार के नए DGP, 2005 के विधानसभा चुनाव में इस वजह से बटोरीं थीं सुर्खियां
डीजीपी आर एस भट्टी 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी छवि सख्त मिजाज और ईमानदार अधिकारी के तौर पर बनी हुई है। 2005 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने खूब सुर्खियां बटोरी थी।

New DGP Bihar: राजविंदर सिंह भट्टी (RS Bhatti) बिहार के नए DGP बनाए गए हैं। उनके डीजीपी बनते ही इनके बेबाकी भरी अंदाज़ की लोगों नें फिर से चर्चा शुरू कर दी है। इसी कड़ी में हम आपको डीजीपी आर एस भट्टी के बारे में बताने जा रहे हैं। जो कि बिहार में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के एक्सपर्ट माने जाते हैं। आरएस भट्टी 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनकी छवि सख्त मिजाज और ईमानदार अधिकारी के तौर पर बनी हुई है। 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने प्रदेश में खूब सुर्खियां बटोरी थीं।

बेबाक अंदाज से सुर्खियों में छाए थे आरएस भट्टी
2005 के विधानसभा चुनाव में सेंट्रल पोस्टिंग से उनका बिहार तबादला किया था। बिहार में उन दिनों बाहुबलियों का बोल बाला हुआ करता था। उस दौर में आरएस भट्टी बाहुबली नेताओं और अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोलने से गुरेज़ नहीं करते थे। उन्होंने शहाबुद्दीन और प्रभुनाथ जैसे प्रभावशाली नेता पर बेबाकी से कार्रवाई की थी। पटना और भागलपुर में उन्होंने कार्रवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों के बीच अपनी पहचान बना ली थी। इसी वजह से 2005 के विधानसभा चुनाव में उन्हें खास तौर से बिहार लाया गया था।

एसएसपी और डीआईजी के तौर पर हुई थी पोस्टिंग
आरएस भट्टी की पोस्टिंग सीवान में बतौर एसएसपी और डीआईजी के तौर पर हुई थी। पदभार संभालते ही सबसे पहली कार्रवाई उन्होंने बाहुबली नेता शहाबुद्दीन पर की थी। उन्होंने शहाबुद्दी को गिरफ्तार करने के लिए खास प्लान तैयार किया था। उन्होंने ही योजना बनाई थी कि शहाबुद्दीन को बड़े मामले में नहीं छोटे मामले में गिरफ्तार किया जाए। क्योंकि शहाबुद्दीन के बड़े मामले में कोई ठोस सबूत नहीं मिल पा रहे थे। इसलिए उन्हें छोटे मामले में गिरफ्तार कर सज़ा दिलाने के प्लान किया गया था।

शहाबुद्दीन पर कार्रवाई का प्लान
बाहुबली शहाबुद्दीन उस वक्त लालू प्रसाद यादव के बहुत ही खास में से एक थे। सीवान में पोस्टिंग होने के बाद जैसे ही आरएस भट्टी ने शहाबुद्दीन पर कार्रवाई का प्लान तैयार किया था। तो उस वक्त यह चर्चा तेज़ थी कि आरएस भट्टी को सियासी दवाब की वजह से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया था। इसके बावजूद आरएस भट्टी सियासी दवाब और बाहुबली नेताओं से लोहा लेते रहे। पुलिस की तफ्तीश रिपोर्ट में आरएस भट्टी द्वारा की गई कार्रवाई का ज़िक्र आज भी दर्ज है।

पांच सदस्यों की बनाई गई टीम
आरएस भट्टी के प्लान के मुताबिक पांच सदस्यों की टीम बनाई गई और बिजली चोरी मामले में दिल्ली निवास से गिरफ्तार करने की रणनीति बनाई गई। इस पूरे मामले में महिला सब इंस्पेक्टर गौरी कुमार को आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाया गया। चूंकि शहाबुद्दीन का बिहार में काफी दबदबा था, उन्हें गाड़ी, बस या ट्रेन से लाया जाता तो बड़ी वरादात होने का खतरा था। इसलिए आरएस भट्टी ने ही शहाबुद्दीन को सड़क मार्ग और ट्रेन से नहीं बल्कि हवाई मार्ग से ले जाने की सलाह दी थी। जिसके बाद शहाबुद्दीन को स्पेशल हेलीकॉप्टर से लाया गया था।
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