NDA में HAM के लिए सीटें हुई 'लॉक', मिली इतनी सीट गदगद मांझी बोले- 'अंतिम सांस तक PM मोदी के साथ रहूंगा'
NDA Seat Sharing Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एनडीए (NDA) गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही अटकलों के बीच, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। मांझी ने स्पष्ट कर दिया है कि एनडीए में उनकी पार्टी की सीटें "लॉक" हो गई हैं, यानी तय हो चुकी हैं।
इस घोषणा से न केवल गठबंधन के भीतर की अनिश्चितता कम हुई है, बल्कि यह भी संकेत मिला है कि एनडीए सभी घटक दलों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरने की रणनीति पर काम कर रहा है। मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी अंतिम सांस तक साथ रहने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है, जिससे गठबंधन की एकता और मजबूत हुई है।

'बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी'
पटना के लिए रवाना होते समय मांझी ने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि, 'मैंने पहले भी कहा था और आज फिर से कह रहा हूं... मैं जीतन राम मांझी अपने अंतिम सांस तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ रहूंगा।" उन्होंने यह भी जोड़ा, "बिहार में बहार होगी, नीतीश संग मोदी जी की सरकार होगी।" यह बयान न केवल एनडीए के भीतर एकजुटता का संदेश देता है, बल्कि मांझी की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति गहरी निष्ठा को भी दर्शाता है।
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NDA में 'हम' 6 सीटों पर लड़ेगी
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर जीतन राम मांझी की पार्टी 'हम' के साथ बात बन गई है। पार्टी 6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह संख्या पिछले चुनावों के मुकाबले 'हम' के लिए एक सम्मानजनक हिस्सेदारी मानी जा रही है।
बिहार की सियासत में मांझी का महत्व
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार की सियासत में जीतन राम मांझी का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण है, खासकर दलित और महादलित वोट बैंक पर उनकी अच्छी पकड़ है। उनकी पार्टी की हिस्सेदारी एनडीए की ताकत बढ़ा सकती है और विधानसभा चुनाव में गठबंधन को मजबूती दे सकती है। चुनाव के दौरान उनके समर्थकों का उत्साह और सक्रियता एनडीए के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकती है, खासकर उन सीटों पर जहां करीबी मुकाबला होने की उम्मीद है।
NDA की चुनावी रणनीति
चुनावी रणनीति के तहत एनडीए ने सभी घटक दलों के साथ बैठकों का दौर तेज कर दिया है। इसके तहत सीटों का बंटवारा, उम्मीदवारों का चयन और प्रचार-प्रसार की रणनीति तय की जा रही है। जीतन राम मांझी के इस बयान और सीट लॉक करने की घोषणा से यह स्पष्ट हो गया है कि गठबंधन अपने सभी घटक दलों के बीच संतुलन बनाए रखने और उन्हें साथ लेकर चुनाव मैदान में उतरने की योजना बना रहा है। यह एकता का प्रदर्शन चुनावी माहौल में एनडीए के लिए सकारात्मक संदेश देगा।
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