बिहार में मॉनसून की दस्तक से कहीं राहत तो कहीं आफ़त, सरकारी व्यवस्था की भी खुली पोल, जानिए
बिहार में मानसून की दस्तक के बाद किसानों को राहत मिली तो वहीं आंधी लोगों के लिए आफ़त बन गई, कई लोगों की वज्रपात से मौत भी हो गई। एक तरफ़ मूसलाधार बारिश से लोगों को राहत मिली तो दूसरी तरफ़ सरकारी व्यवस्था की पोल भी खुल गई
नालंदा, 20 जून 2022। बिहार में मानसून की दस्तक के बाद किसानों को राहत मिली तो वहीं आंधी लोगों के लिए आफ़त बन गई, कई लोगों की वज्रपात से मौत भी हो गई। एक तरफ़ मूसलाधार बारिश से लोगों को राहत मिली तो दूसरी तरफ़ सरकारी व्यवस्था की पोल भी खुल गई। नालंदा जिले के हिलसा, नूरसराय प्रखंड, बिहार शरीफ़ के कई इलाके में मानसून की पहली बारिश ने नगर परिषद के दावों की पोल खोल कर रख दी है। मूसलाधार बारिश के बाद सड़को पर घुठने भर पानी जमा हो गया जिसमें गाड़ी रेंगती हुई नजर आई। दर्जनों दुकानों में बारिश का पानी भी घुस गया।
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दयनीय स्थिति में नगर परिषद क्षेत्र के कई वार्ड
मानसून की बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा होने से स्थानीय लोगों में काफ़ी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि नाला जाम रहने की वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती है जिस वजह से ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। नगर परिषद इलाक़े में नाला उढाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने का दावा करती है। इसके बावजूद नगर की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नालंदा ज़िला मुख्यालय बिहार शरीफ को स्मार्ट सिटी में शामिल किए हुए 5 साल से ज़्यादा का वक्त गुजर गया है। हर साल स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रूपए खर्च करने का दावा किया जाता है। लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद क्षेत्र का कई वार्ड नरकीय हालात में है।

स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर आरोप
रामचंद्रपुर मोहल्ले के नालंदा कॉलोनी में नाला बनाने का कार्य 5 साल बाद भी पूरा नहीं हुआ है। घर का गंदा पानी सड़कों पर सड़कों पर बदबू मार रहा है। बरसात भी शुरू हो चुकी है जिसकी वजह से सड़कों पर पानी का जमा है, घर से बाहर निकलने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो 5 साल पूरा होने वाला है लेकिन एक बार भी वार्ड पार्षद इसी गली के लोगों की सुध लेने तक नहीं पहुंचे हैं। नाले की सफाई के लिए कभी सफ़ाई कर्मी नहीं आया है। नगर निगम का टैक्स समय पर हम लोग देते हैं। वार्ड पार्षद वोट मांगने आते हैं जीतने के बाद बनाने का आश्वासन तो देते हैं लेकिन जब जीत जाते हैं तो झांकने तक नहीं आते हैं।

आकाशीय बिजली गिरने से मौत
मानसून की दस्तक ने जहां सरकारी तंत्र की पोल खोल कर दी है। वहीं वज्रपात से नालंदा ज़िलें में कई लोगों की मौत भी हो गई है। एक मामला चंडी थाना क्षेत्र पीपह गांव का है जहां खराब मौसम होने की वजह से खेत से मवेशी चरा किसान वापस लौट रहा था तभी वज्रपात की वजह से उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान अजीत कुमार पिता रामप्रीत प्रसाद के रुप में हुई। दूसरी घटना नूरसराय थाना क्षेत्र भांगवल बीघा गांव का है, जहां खेत में काम कर रही महिला की वज्रपात से मौत हो गई। मृतका की पहचान मीना देवी पति स्व. सुरेंद्र प्रसाद (58) के रूप में की गई है। घटना के संबंध में परिजनों ने बताया कि वह खेत में मोरी की बुआई कर रही थी। उसी समय आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
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