'ठग डॉक्टर' पतंजलि की दवा के नाम पर लगा रहा था लाखों रुपये का चूना, इस तरह हुआ खुलासा
Nalanda Crime News: नालंदा में छापेमारी करने पहुंची दिल्ली की टीम में रंजीत (सब इंस्पेक्टर), गुमन (सब इंस्पेक्टर), एएसआई और हेड कांस्टेबल शामिल थे। स्थानीय पावापुरी थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार की टीम के साथ मिलकर...
Nalanda Crime News: बिहार का नालंदा जिला साइबर अपराध का गढ़ बनता जा रहा है, दूसरे प्रदेशों से पुलिस की टीम नालंदा के विभिन्न क्षेत्रों में छापेमारी कर ठगों को गिरफ्तार कर रही है। इसी क्रम में दिल्ली पुलिस की टीम नालंदा पहुंची और साइबर अपराध मामले में दशरथपुर गांव (पावापुरी थाना क्षेत्र) में छापेमारी की। पुलिस ने कार्वाई करते हुए तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। शातिर रमेश पटेल और आशीष कुमार दशरथपुर गांव का निवासी है। दोनों आपस में भाई हैं, उनके पिता का नाम रविंद्र प्रसाद है। वहीं हरेंद्र कुमार पूरी गांव का निवासी है, उसके पिता का नाम नरेश सिंह है।शातिर ठगों को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस की टीम उसे अपने साथ ले गई है। दिल्ली में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों को बनाते थे शिकार
नालंदा में छापेमारी करने पहुंची दिल्ली की टीम में रंजीत (सब इंस्पेक्टर), गुमन (सब इंस्पेक्टर), एएसआई और हेड कांस्टेबल शामिल थे। स्थानीय पावापुरी थाना अध्यक्ष रविंद्र कुमार की टीम के साथ मिलकर उन्होंने कार्रवाई। ठगों की गिरफ्तारी के मामले में दिल्ली पुलिस की टीम ने बताया कि अभियुक्त के ऊपर पतंजलि कंपनी के नाम पर ठगी करने का आरोप है। यह शातिर फर्जी वेबसाइट बनाकर भोले भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पतंजलि कंपनी का डॉक्टर बनकर दवा भेजने के नाम पर मोटी रकम भी वसूली करते थे।

पतंजलि के नाम 2.5 लाख रुपए की ठगी
जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने पतंजलि कंपनी के नाम पर 2.5 लाख रुपए की ठगी की है। इनके खिलाफ उत्तरी दिल्ली साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। शातिर ठगों के गिरोह में शामिल हरेंद्र कुमार वेबसाइट बनाने का काम करता है। वहीं दोनों भाई रमेश पटेल और आशीष कुमार साइबर अपराध की वारदात को अंजाम देते हैं। वह पहले भी काले धंधे में शामिल रह चुका है। तीनों साइबर अपराधियों को बिहार शरीफ कोर्ट में पेश करने के बाद दिल्ली पुलिस उन्हों अपने साथ लेकर चली गई।

90 हज़ार रुपये उड़ाने की कोशिश
बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी को ही चूना लगा दिया। अकाउंट से पैसे निकलने के तुरंत बाद आमिर सुबहानी ने ईओयू को मामले की जानकारी दी। 24 घंटे के अंदर ही टीम जालसाज का पर्दाफाश कर दिया। आमिर सुबहानी के खाते से साइबर ठग 90 हज़ार रुपये उड़ाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन उन्होंने तुरंत मामले में संज्ञान लिया जिसके बाद रुपये को बैंक अकाउंट में ही फ्रीज़ कर दिया गया।

‘आम आदमी के मामले में नहीं होती तुरंत कार्रवाई’
आमिर सुबहानी ने एक्शन लेते हुए ईओयू को पूरी जानकारी दी। ईओयू ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई की। साइबर ठगों को गिरफ्तार कर प्राथमिकी भी दर्ज कर ली गई। वहीं इस मामले में लोगों का कहना है कि आमिर सुबहानी बिहार के मुख्यसचिव थे तो खाते से पैसे निकले बिना कार्रवाई हो गई और आम आदमी के खाते से पैसे निकल जाने के बाद भी अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर ही रहता है।
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