Motivational Story: पिता का उठ गया साया, नहीं छोड़ी पढ़ाई, आर्थिक तंगी से जूझते हुए लहराया कामयाबी का परचम
Motivational Story:कौशिक राज ने मैथ्स ओलंपियाड में पूरे प्रदेश में दूसरा रैंक हासिल किया है। आईआईटी पटना में उन्हें 15 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशिक राज ने इस मुकाम को हासिल करने से पहले काफी...
Motivational Story: पिता का साया हर बच्चों के लिए ज़रूरी होता है, पिता का साया सिर से उठ जाने के ज़िंदगी में काफी मुश्किलों का सामना भी करना पड़ता है। वहीं कुछ बच्चों सारी परेशानियों से जूझते हुए अपनी एक अलग पहचान भी बनाते हैं। ज़ाहिर सी बात है कि पिता की कमी कोई पूरा नहीं कर सकता लेकिन खुद का कामयाब बनाकर पिता का नाम तो रोशन किया जा सकता है। कुछ इसी तरह बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले छात्र कौशिक राज की कहानी है। पूर्णिया ज़िले की एक और बच्ची ने भी आर्थिक तंगी से जूझते हुए परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। आपको इन दोनों के संघर्ष की कहानी से रूबरू करवाऊंगा। आइए पहले कौशिक राज की कहानी जानते हैं।

आर्थिक तंगी से जूझते हुए लहराया कामयाबी का परचम
कौशिक राज ने मैथ्स ओलंपियाड में पूरे प्रदेश में दूसरा रैंक हासिल किया है। आईआईटी पटना में उन्हें 15 दिनों का आवासीय प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कौशिक राज ने इस मुकाम को हासिल करने से पहले काफी परेशानियों का सामना भी किया है। मीडिया से मुखातिह होते हए कौशिक राज बताया कि सिर से पिता का साया उठ जाने के बाद ज़िंदगी में मुसीबतों का पहाड़ टूट गया। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब हो गई। आर्थिक तंगी से जूझते हुए उनकी मां ने ने कौशिक री परवरिश की। कौशिक राज ने गुलाबबाग स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखी। पढ़ाई के दौरान उनकी प्रतिभा को देखते हुए स्कूल के प्राचार्य सीबी सिंह ने हौसला अफज़ाई करते हुए सम्मानित भी किया। वहीं उनकी आगे की पढ़ाई में मदद का आश्वासन भी दिया।

मुश्किलों से जूझते हुए छात्रों ने की पढ़ाई
पूर्णिया जिले के सरकारी स्कूल के छात्र कौशिक राज ने किस तरह कामयाबी का झंडा बुलंद किया, यह तो आपको जानकारी मिल गई। वहीं अब एक और छात्रा के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने पूरे प्रदेश में चित्रकला प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया है। जवाहर लाल नेहरू उच्च माध्यमिक विद्यालय (गुलाबबाग) में छात्रों के लिए राज्य स्तर पर कला उत्सव का आयोजन किया गया था। इस उत्सव में चित्रकला प्रतियोगिता में मुस्कान ने पहला रैंक हासिल किया है। स्कूल के प्रधान सीबी सिंह ने दोनों छात्रों के बारे में बताया कि उन्होंने काफी मुश्किलों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी।

छात्रों ने तोड़ा सरकारी स्कूलों का यह मिथक
सीबी सिंह (स्कूल के प्रधान) ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई नहीं होने का मिथक दोनों छात्रों ने तोड़ कर दिखाया है। बच्चों को शिक्षा हासिल करने में कोई तकलीफ नहीं हो इसलिए सरकार की तरफ से स्कूल में साधन और संसाधन मुहैय्या करवाने की पूरी कोशिश की जा रही है। विद्यालय की छात्रा मासूम ने प्रदेश स्तर पर आयोजित कला उत्सव प्रतियोगिता में पहला रैंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूल के बच्चे किसी से कम नहीं हैं। वह भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और आने वाले समय में भी करते रहेंगे।

सरकारी स्कूल के छात्रों ने किया नाम रोशन
प्रदेश स्तर पर आयोजित कला उत्सव प्रतियोगिता में पहला रैंक हासिल करने वाली छात्रा मासूम भी काफी परेशानियों से जूझते हुए शिक्षा हासिल कर रही है। मासूम के घर की भी आर्थिक स्थिति काफी खराब है, इसके बावजूद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखी है। मुश्किल वक्त में परिवार के साथ-साथ शिक्षक ध्रुव कुमार ने भी मासूम को उन्हें काफी प्रोत्साहित किया है। कलाकृतियों के बारे में उन्हें समय-समय पर कई तरह की जानकारिया देते रहे। वहीं मासूम ने कहा कि बच्चों के पढ़ाई करनी है तो वह विद्यालय से अनुपस्थित नहीं रहें, रोज़ाना स्कूल आएंगे तो काफी अच्छी तालीम हासिल कर सकेत हैं। सरकारी स्कूल के ये दो छात्रों ने साबित कर दिया है कि आपके अंदर अगर जज़्बा है तो आप कामयाबी की बुलंदियों को ज़रूर छुएंगे।
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