SVU की टीम ने एक्साइज सुपरिटेंडेंट के घर पर की छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति हुआ खुलासा
मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी जिले में एक्साइज सुपरिटेंडेंट अविनाश प्रकाश के ठिकानों पर बुधवार को स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम के छापे में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि पैसे गिनने के लिए अधिकारी ने घर में मशीन तक रख रखी थी। करीब पांच साल पूर्व इन्होंने इस मशीन को खरीदा था। इसके अलावा एक्साइज सुपरिटेंडेंट ने दो जेसीबी मशीन भी खरीद रखी थी। इसमें से एक पटना में तो दूसरी खगड़िया स्थित घर पर पर खड़ी मिली। एसवीयू की टीम ने अधिकारी के कई आवासों पर छापेमारी की कार्रवाई की है। जेसीबी को प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर लगाया जाता है।

इस पूरी रेड के दौरान चौंका देने वाली यह बात सामने आई है कि अविनाश प्रकाश ने अपनी काली कमाई को मनी लॉड्रिंग के माध्यम से व्हाइट मनी में खूब बदला है। दरअसल, राज्य सरकार और स्पेशल विजिलेंस को बार-बार एक्साइज सुपरिटेंडेंट अविनाश प्रकाश के खिलाफ बार-बार शिकायत मिल रही थी कि वो मोतिहारी में शराब माफियाओं का साथ दे रहे हैं। इनके सांठगांठ के चलते शराब का अवैध कारोबार बढ़ रहा है। शिकायत मिलने के बाद आरोपों की जांच हुई। मंगलवार को पटना में केस दर्ज हुआ और बुधवार को एक साथ एसवीयू की टीम ने पटना, मोतिहारी और खगड़िया के ठिकानों पर छापेमारी की।
बुधवार को एसवीयू की एक टीम पटना में फुलवारी स्थित कुरकुरी इलाके वाले घर में छापेमारी की तो सभी चौंक गए। यहां उन्होंने एक बीघा यानी की 20 कट्ठा जमीन पर बनाया हुआ था, जो फॉर्म हाउस की तरह दिख रहा था। अंदर से घर पूरी तरह से आलीशान बना हुआ था। इसके तीसरे फ्लोर का कंस्ट्रक्शन वर्क भी चल रहा था। घर के अंदर हर तरह की सुविधा मौजूद थी। कई नौकर भी मिले। कैंपस के अंदर में एक खटाल भी बना रखा था, जिसमें 10 गायें मौजूद थीं।
बता दें कि अधिकारी अविनाश प्रकाश मूल रूप से खगड़िया के रहने वाले हैं। वहां भी चित्रगुप्त नगर थाना के तहत राधिका कुंज नाम की इनका आलीशान घर है। छापेमारी करने वाली दूसरी टीम को यहां भी एक JCB मशीन मिली। एक इनोवा गाड़ी भी मिली। पटना में एक फ्लैट खरीदने का पेपर भी मिला है। छापेमारी के दौरान टीम को 2 पासपोर्ट, 5 बैंकों के कुल 15 पासबुक मिले। जिसमें अकेले HDFC और SBI के 5-5 पासबुक हैं।
3 बीमा कंपनियों में 6 बीमा के पेपर भी हाथ लगे। एक टैक्सी का रजिस्ट्रेशन पेपर मिला, जिससे पता चलता है कि भाड़े पर उनकी टैक्सी भी चलती है। इन सब के अलावा सुपरिटेंडेंट ने अपनी पत्नी के नाम पर अलग-अलग जगहों पर 3 फ्लैट और 8.25 लाख में खरीदी गई 41 डिसमील जमीन के कागजात मिले। इन्होंने 2016-17 में अपने पिता के नाम पर 48.50 लाख की कीमत पर जमीन का 20 प्लॉट खरीद रखा है।












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