Fake currency racket: भारत-नेपाल बॉर्डर पर अवैध नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़, करोड़ों के नकली नोट बरामद
Fake currency racket Motihari: बिहार के पूर्वी चंपारण में पुलिस ने एक ऐसे मनी प्लांट का पर्दाफाश किया है, जहां खाद-पानी नहीं बल्कि मशीनों से दौलत उगाई जा रही थी। मोतिहारी के पतौरा गाँव में एक साधारण से किराए के मकान के भीतर अंतरराष्ट्रीय जाली नोटों का काला साम्राज्य फल-फूल रहा था।
नेपाल पुलिस के साथ मिलकर किए गए इस ज्वाइंट ऑपरेशन ने एक ऐसे हाई-टेक मिनी प्रिंटिंग प्रेस को बेनकाब किया है, जो भारत और नेपाल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को खोखला करने की साजिश रच रहा था। यहाँ कर्मचारी बाकायदा 'टारगेट' के आधार पर जाली नोटों की छपाई करते थे।

Bihar News: किराए का कमरा और जाली नोटों की फैक्ट्री
मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पतौरा गांव में चल रहा यह धंधा बाहर से देखने में एक आम रिहायशी मकान लगता था। लेकिन घर के अंदर आधुनिक मशीनें, विशेष स्याही और हाई-क्वालिटी कागजों की मदद से भारतीय और नेपाली करेंसी की हूबहू नकल तैयार की जा रही थी। पुलिस छापेमारी में भारी मात्रा में छपाई उपकरण और जाली नोट बरामद हुए हैं। गिरोह ने बाकायदा कर्मचारियों को काम पर रखा था, जिन्हें जितनी ज्यादा छपाई, उतनी ज्यादा कमाई का लालच दिया गया था।
ये भी पढे़ं: Bihar PM Kisan Yojana: बिहार के किसानों के लिए डबल खुशखबरी, नए साल में खाते में आएंगे इतने एक्स्ट्रा पैसे
नेपाल पुलिस और मोतिहारी पुलिस का जॉइंट एक्शन
इस पूरे ऑपरेशन की सफलता के पीछे भारत और नेपाल पुलिस का बेहतरीन समन्वय रहा। पिछले साल सीमा पर हुई कुछ गिरफ्तारियों से मिले सुरागों ने पुलिस को इस ठिकाने तक पहुंचाया। मामले की मुख्य कड़ी रवि श्रीवास्तव को नेपाल पुलिस ने धर दबोचा है, जिसके पास से नोट छापने वाली मशीन और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। रवि ही वह शख्स था जो नेपाल और भारत के बीच इस जाली नेटवर्क की डोर थामे हुए था।
ये भी पढे़ं: Bihar News: शादी के सिर्फ 23 दिन बाद 'गायब' हुई बिहार की ये महिला अधिकारी, इस शहर से मिली तो मचा हड़कंप
टारगेट बेस्ड 'नौकरी' और अवैध छपाई
जांच में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह है इस गिरोह का काम करने का तरीका। यहां काम करने वाले गुर्गे खुद को कर्मचारी बताते थे। उन्हें प्रतिदिन नोट छापने का एक निश्चित 'टारगेट' दिया जाता था। गिरोह के सरगना ने इसे एक कॉर्पोरेट ऑफिस की तरह व्यवस्थित कर रखा था, जहां कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाकर युवाओं से अवैध काम करवाया जा रहा था। पकड़े गए दस्तावेजों से पता चला है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था।
ये भी पढे़ं: Bihar Weather Update today: बिहार के 24 जिलों में 'कोल्ड डे' का कहर, जानें कब मिलेगी कनकनी से राहत
अंतरराष्ट्रीय गिरोह और सीमा सुरक्षा पर सवाल
मोतिहारी पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई तक जाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक ठिकाना भर है, जबकि इसका मास्टरमाइंड किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा हो सकता है। भारत-नेपाल की खुली सीमा का फायदा उठाकर ये जाली नोट किन-किन बाजारों में खपाए गए, इसकी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करों और जाली नोटों के कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है।












Click it and Unblock the Notifications