चिराग पासवान को याद आया LJP टूटने का बुरा दौर, बताया कैसे चाचा ने गेट नहीं खोले, लेकिन मैं हारा नहीं
Chirag Paswan News: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) पार्टी प्रमुख और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपने पिता के निधन के बाद पार्टी में हुई टूट वाले बुरे वक्त को याद किया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी एएनआई के पॉडकास्ट में जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर बात की।
पॉडकास्ट में उन्होंने उस पल को साझा किया, जब उन्होंने सोच लिया था कि "परिवार और पार्टी अब एक नहीं हो पाएगी", उन्होंने बताया कि कैसे उनके चाचा ने अपने घर के दरवाजे नहीं खोले और फिर कैसे वो लड़े और अपनी पार्टी को खड़ा किया।

पिता वाला मंत्रालय संभाल रहे चिराग
चिराग पासवान की पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 में बिहार की पांच सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज की। जिसके बाद आज चिराग पासवान के पास वही खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय है, जिसे कभी मोदी सरकार में उनके पिता रामविलास पासवान संभालते थे।
लोगों को किया गलत साबित?
2020 में जब उनके पिता रामविलास पासवान का निधन हुआ, तो चिराग पासवान को अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। उनके चाचा ने पार्टी की कमान संभाली और कई लोगों को लगा कि चिराग का राजनीतिक सफर खत्म हो गया है?
2021 में पार्टी बनाकर लड़े और जीते
लेकिन अपनी पार्टी के दूसरे नेताओं द्वारा दरकिनार किए जाने के बाद कई लोगों ने उन्हें नकार दिया। चिराग पासवान ने कई मुश्किलों का सामना किया। और फिर 2021 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) बनाई और अब लोकसभा के नतीजों के बाद बिहार के बड़े नेता बनकर उभरे हैं।
बुरे वक्त को चिराग ने किया याद
ऐसे में अब एएनआई के पॉडकास्ट में उन्होंने पुरानी तस्वीर (चाचा के घर के बाहर) पर चर्चा करते हुए उस वुरे दौर को सझा किया कि कैसे वो उस वक्त बीमार थे, उनको ड्रीप लगा हुआ था, लेकिन भी वो चाचा के घर गए और वहां उनके लिए दरवाजा नहीं खोला। और फिर जब खोला तो चाची ने कहा कि तुम्हारे साथ जो हो रहा है, वो सही है।
"परिवार और पार्टी अब एक नहीं हो पाएगा...'' Chirag Paswan Recalls the Time When LJP Officially Split Into Two#ANIPodcast #SmitaPrakash #ChiragPaswan #PashupatiKumarParas #Bihar
— ANI (@ANI) July 17, 2024
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चिराग ने बताया कि उसके बाद उन्होंने सोच लिया था कि "परिवार और पार्टी अब एक नहीं हो पाएगा"। चिराग ने बताया कि उस वक्त में अगर हार थककर रोता हुआ बच्चा बनता और अपने भाग्य को कोसता या फिर मैं अपने पिता की तरह लड़ता और जीतता, जो मैंने किया।












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