Iran War Update: ओवल ऑफिस में ऐसा क्या हुआ कि खामेनेई की जनाजे के बीच ट्रंप करवाए हमले? किसने-किसे दिया धोखा?
Iran War Update: मिडिल ईस्ट अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक में एक बार फिर बारूद की गंध फैल गई है। अमेरिका और ईरान ने एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले करना शुरू कर दिए हैं और पाकिस्तान का कराया हुआ सीजफायर चरमराकर टूट गया। हैरानी की बात है कि दूसरे दौर की इस झड़प में अभी इजरायल की एंट्री बाकी है, अंदरखाने बात चल रही और जल्द ही नेतन्याहू की फौज भी इस युद्ध में कूदेगी। इस बीच एक खबर आ रही है कि सीजफायर के दौरान व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में एक मीटिंग हुई थी जिसके बाद ट्रंप ने अपना मूड बदला और अपनी फौज को दोबारा हमला करने का आदेश दे दिया।
क्या हुआ था ओवल ऑफिस में?
अमेरिकी मीडिया वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप NATO समिट में शामिल होने के लिए तुर्किये जाने वाले थे। इसी बीच ओव ऑफिस में विदेश सचिव मार्को रुबियो और डिफेंस सचिव पीट हेगसेथ पहुंचे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुए ईरान के हमलों की सबसे ताजा रिपोर्ट सौंपी। जिसमें साफ-साफ लिखा था कि ईरान ने एंटी शिप क्रूज मिसाइल और ड्रोन्स के जरिए उन कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया था जिनमें LNG गैस के टेंकर थे। जैसे ही ट्रंप को इस धोखे की मालूमात हुई तो वे गुस्से से झल्ला उठे। इसके बाद ट्रंप ने अपने एडवाइजरों से पूछा कि 'क्या वाकई ईरान शांति समझौते में दिलचस्पी रखता है'? वहीं जब इसका जवाब न में मिला तो ट्रंप ने तुरंत सीजफायर रद्द करने का फैसला लिया।

पेरिस में हुए समझौते की उड़ी धज्जियां
ट्रंप ने इस धोखाधड़ी की जानकारी मिलते ही तत्काल प्रभाव से पेरिस में हुए समझौते को खत्म कर दिया और ईरान पर दोबारा हमले करने के आदेश दे दिए। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान पर दोबारा कड़े प्रतिबंध और तेल की बिक्री पर रोक लगा दी। वहीं जब ट्रंप से अंकारा में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि 'मेरे लिए सीजफायर खत्म हो चुका है'। ट्रंप यही नहीं रुके बल्कि उन्होंने ईरानी नेताओं को झूठा, नीच और बीमार तक कह डाला। ट्रंप ने कहा कि वे सनकी हैं। ट्रंप इस बात से भी खासे नाराज थे कि अमेरिकी फौज ने अली खामेनेई को शांति से दफन कैसे होने दिया जबकि ईरानी फौज होर्मुज में अभी भी बमबारी कर कर रही है।
ट्रंप को मारने का बनाया प्लान, किसने दी जानकारी?
सीजफायर के ताबूत में आखिरी कील ठोकी इजरायल की रिपोर्ट में, जिसमें इजरायली खूफिया एजेंसी मोसान ने सीआईए को एक रिपोर्ट भेजी। जिसके मुताबिक ईरान ने ट्रंप को जान से मारने का प्लान बनाया है। जैसे ही ट्रंप को इस बात की जानकारी लगी तो उन्होंने कहा कि 'मैं ईरान का टारगेट नंबर बन चुका हूं'। उन्होंने ये भी कहा कि 'मैं हमेशा लकी नहीं रहूंगा, इसलिए इन दुष्टों को काटना होगा और हमें इस कैंसर को शुरू में ही खत्म करना होगा'।
ट्रंप ने दिखाई हरी झंडी, 170 जगह बरसे बम
ट्रंप ने जैसे ही ईरान पर दोबारा हमले करने का आदेश दिया वैसे ही अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने पहले दिन 80 और दूसरे दिन 90 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू कर दी। इन हमलों में अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई लोग घायल हुए है। इसमें एक हमला चाबहार पोर्ट के मरीन टावर पर भी हुआ जो भारत के ड्रीम प्रोजेक्ट के ठीक पास में है।
ईरान का जवाब और अरब देशों पर टूटा कोहराम
जैसे ही अमेरिका ने ईरान पर बमबारी शुरू की तो जवाब में ईरान ने कुवैत, कतर, जॉर्डन, बहरीन और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि 'अगर तुम हमला करोगे पलटवार झेलना होगा, अब होर्मुज ईरान की मर्जी से खुलेगा'।
फिलहाल ये कहने में कोई दो राय नहीं है कि जंग दोबारा शुरू हो चुकी है। सऊदी, कतर और मिस्र जैसे देश एक बार फिर शांतिवार्ता की कोशिश में जुट गए हैं लेकिन दूर-दूर तक कोई हल नहीं दिख रहा। इस मामले में भारत को अपने तेल और गैस के इंतजाम कर लेना चाहिए, बाकी सब समय ही तय करेगा।
इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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