Kishanganj Madarsa: नाबालिगों ने रची ख़ौफनाक साज़िश, कांड के पीछे की मंशा सुनकर पुलिस भी रह गई दंग!
Kishanganj Madarsa Crime News: एक शांत, धार्मिक अनुशासन से भरा मदरसा... मासूम बच्चों की दुआओं और पढ़ाई की आवाजें... लेकिन इसी दीवार के पीछे कब्रिस्तान में मिली एक मासूम की खौफनाक लाश ने पूरे किशनगंज को हिला दिया। जो हुआ, वो ना सिर्फ अमानवीय था, बल्कि इस कदर साज़िशन था कि पुलिस तक सन्न रह गई।
2 अगस्त की सुबह जैसे ही लोगों ने कब्रिस्तान में एक बच्चे की लाश देखी, पूरा इलाका सहम गया। गर्दन पर धारदार हथियार के गहरे निशान, शरीर पर चाकुओं की कई वारदातें और गले में कस कर बंधा हुआ गमछा... ये हत्या किसी गुस्से या झगड़े में नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी।

पीड़ित कौन था?
मृतक, महज 12 साल का एक होनहार छात्र, जो पिछले तीन वर्षों से इस मदरसे में पढ़ाई कर रहा था। 1 अगस्त की रात वह अपने 13 वर्षीय रिश्तेदार के साथ खाना खाने घर गया था, लेकिन जब अगली सुबह वह गायब मिला, तो पिता को अनहोनी का अहसास हो गया।
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
एसडीपीओ गौतम कुमार के नेतृत्व में जब पुलिस ने फॉरेंसिक और स्थानीय इनपुट के ज़रिए तहकीकात शुरू की, तो जल्द ही दो नाबालिग छात्र शक के घेरे में आ गए। जब सख्ती से पूछताछ हुई, तो उन्होंने जो बताया, उससे पुलिस के भी होश उड़ गए।
"हम बस पढ़ाई छोड़ना चाहते थे..."
दोनों नाबालिगों ने अपना गुनाह कबूलते हुए बताया कि उन्होंने इस कदर खौफनाक हत्या की साजिश सिर्फ इसलिए रची, ताकि मदरसा बंद हो जाए और वे अपने घर लौट सकें। हत्या की रात उन्होंने पहले से तैयारी कर ली थी। जब मासूम बच्चा रात को पेशाब के लिए बाहर निकला, तब उन्होंने बाथरूम के पास घात लगाकर उस पर हमला कर दिया।
अब आगे क्या?
गला रेतने के बाद शव को खींचते हुए कब्रिस्तान तक ले गए और वहीं फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं। दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। एसपी सागर कुमार का कहना है कि उनके पास इस हत्याकांड के पर्याप्त सबूत हैं और जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दोषियों को अधिकतम सजा दिलाने की कोशिश की जाएगी।












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