बिहार: एक पैर से स्कूल जाने वाली वायरल गर्ल सीमा को एक और तोहफा, छात्रा ने जताया आभार

एक पैर के सहारे स्कूल जाने वाली सीमा कृत्रिम पैर के ज़रिए दोनों पांव से स्कूल जाने लगी। सीमा की एक मुश्किल हल हुई। वहीं अब सीमा को आसानी से शिक्षा ग्रहण करने के लिए हाईटेक सुविधा दी गई है।

जमुई, 2 सितंबर 2022। बिहार में पिछले दिनों छात्र सोनू और सीमा खूब वायरल हुए थे। सोनू बेबाकी से सीएम नीतीश कुमार के सामने अपनी बात रखने के बाद वायरल हुआ था। वही दिव्यांग छात्रा सीमा एक पैर से कूद-कूद कर स्कूल जाने के लिए वायरल हुई थी। जिसके बाद कई लोग सीमा की मदद के लिए आगे आए थे लेकिन जिलाधिकारी की खास पहल के बाद सीमा को कृत्रिम पैर लगाए गए थे। भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) कानपुर ने सीमा को बेहतर गुणवत्ता वाला कृत्रिम पैर मुफ्त में लगाया था। कृत्रिम पैर लगने के बाद सीमा ने ज़िंदगी को नए तरह से जी रहीं थीं। वहीं अब वायरल गर्ल सीमा को एक और तोहफ़ा मिला है।

सीमा को मिला एक और तोहफा

सीमा को मिला एक और तोहफा

एक पैर के सहारे स्कूल जाने वाली सीमा कृत्रिम पैर के ज़रिए दोनों पांव से स्कूल जाने लगी। सीमा की एक मुश्किल हल हुई। वहीं अब सीमा को आसानी से शिक्षा ग्रहण करने के लिए हाईटेक सुविधा दी गई है। अब वायरल गर्ल सीमा हाईटेक तकनीक से तालीम हासिल कर रही है। दरअसल ऑनलाइन कोचिंग संस्थान चलाने वाली एक कंपनी ने सीमा को टैबलेट दिया है जिसके सहारे वह ऑनलाइन पढ़ाई कर रही हैं। सीमा को मिले नए तोहफ़े पर सीमा और उसके परिजनों ने जिलाधिकारी अवनीश कुमार और कोचिंग चलाने वाली कंपनी का शुक्रिया अदा करते हुए खुशी का इज़हार भी किया।

अत्याधुनिक तकनीक से सीमा की पढ़ाई

अत्याधुनिक तकनीक से सीमा की पढ़ाई

जमुई जिलाधिकारी अवनीश कुमार की पहल से पहले सीमा को कृत्रिम पांव लगा। वहीं अब उन्हीं की कोशिश से सीमा को ऑनलाइन कोचिंग संस्थान रीडिंग टैबलेट दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक निजी कोचिंग संस्थान की तरफ से मिले टैबलेट से सीमा ने पढ़ाई शुरु कर दी है। फतेहपुर गांव (खैरा प्रखंड) की रहने वाली खिरन मांझी और बेबी देवी की बेटी दिव्यांग सीमा रीडिंग टैबलेट पाकर काफी खुश है। थर्ड क्लास में पढ़ने वाली छात्रा सीमा टैबलेट के ज़रिए अत्याधुनिक तकनीक से तालीम हासिल कर रही है।

रीडिंग टैबलेट से पढ़ेगी वायरल गर्ल सीमा

रीडिंग टैबलेट से पढ़ेगी वायरल गर्ल सीमा

डीएम अवनीश कुमार ने टैबलेट की खूबी बताते हुए कहा कि यह स्लेटनुमा मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस है। टच स्क्रीन वाली इस डिवाइस के ज़रिए आधुनिक तकनीक से शिक्षा हासिल करने में काफी मदद मिलती है। इस डिवाइस का इस्तेमाल ज्यादातर वहां होता है जहां लैपटॉप, नोट बुक और कम्प्यूटर ले जाने में परेशानी होती है। इसके ज़रिए ई-रीडिंग कर सकते हैं। वहीं डीएम अवनीश कुमार ने कहा कि इस डिवाइस (रीडिंग टैबलेट) से सीमा को तालीम हासिल करने में आसानी होगी। इसके साथ ही वह मुश्किल चीज़ों को भी जल्दी हल कर सकेगी।

जिला प्रशान की पहल से लगा कृत्रिम पैर

जिला प्रशान की पहल से लगा कृत्रिम पैर

अवनीश कुमार ने कहा कि डिजिटाइज्ड एजुकेशन आज के ज़माने की मांग है। सीमा को रीडिंग टैबलेट की मदद से नई चीज़ों को सीखने का मौका मिलेगा और वह मुश्किल सवालातों को भी आसानी से हल कर सकेगी। इसके ज़रिए वह ऑनलाइन ट्यूशन पढ़ने के साथ ही अपने विषयों पर अच्छी पकड़ बना सकेगी। आपको बता दें कि सीमा पहले एक पैर से ही रोज़ाना स्कूल जाती थी। सीमा की तालीम पाने का जुनून देख काफी लोग उसकी मदद करने के लिए आगे आए थे। वहीं जिला प्रशासन की पहल से ऑपरेशन के जरिए उसे कृत्रिम पैर लगाया गया। अब वह बहुत ही आसानी से चल फिर सकती हैं।

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