अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट ने पीपल के पत्तों पर कलाकृति बनाकर भिखारी ठाकुर को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात
Artwork on leaves: भोजपुरी जगत के शेक्सपियर कहे जाने वाले लोक कलाकार भिखारी ठाकुर को इस दुनिया से रुखसत हुए 53 साल हो गये। भिखारी ठाकुर के 53 वें पुण्यतिथि अवसर पर बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने अनोख अंदाज़ में श्रद्धांजलि दी।
बिहार के चंपारण जिला निवासी मधुरेंद्र कुमार (अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट) ने पीपल के पत्तों पर अपनी कला का प्रदर्शन किया। उन्होंने पीपल के पत्तों पर कलाकृति बनाकर भिखारी ठाकुर को अनोखे अंदाज़ में श्रद्धांजलि दी। जिसकी लोग जमकर तारीफ़ कर रहे हैं।

वन इंडिया हिंदी से ख़ास बातचीत में रेत कलाकार मधुरेंद्र ने बताया कि घंटों की मेहनत का असर है। पीपल के पत्ते पर कलाकृति बनाने में 3 घंटे का वक्त लगा। 53 सालों के बाद भी भिखारी ठाकुर की रचनाएं, नाटक और गीत आज भी प्रासंगिक हैं।
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देश दुनिया में उनकी विरासत को संभालने का क्रेडिट लेने वाले उनके जन्मदिवस और पुण्यतिथि पर खूब कार्यक्रम और सभाएं करते हैं। इसलिए मशहूर भिखारी ठाकुर की जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम का होना प्रासंगिक हो जाता है।
आपको बता दें कि सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ऐसे ही सभी खास अवसरों पर अपनी कलाकृति बनाने को लेकर देश और दुनिया में मशहूर है। उन्होंने कला के क्षेत्र में अपने हुनर का परचम सिर्फ बिहार में ही नहीं बल्कि देश और विदेशों में भी लहराया है।
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार को कला के क्षेत्र में दुनियांभर में सैकड़ो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से नवाज़ा जा चुका है। वह जिला ही नहीं बल्कि देश और विदेशों में भी बिहार को गौरवान्वित कर रहे हैं। उनका सपना है कि वह बिहार का नाम सैंड आर्ट में नंबर 1 पर रोशन करें। मधुरेंद्र ने कहा कि मेरी ख्वाहिश है कि बिहार को लोग सैंड आर्ट के रूप में भी पहचाने। मैं इस बाबत पुरज़ोर मेहनत कर रहा हूं।












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