Gaya: सुरक्षित प्रसव के लिए अब रेफर नहीं होंगी गर्भवती महिलाएं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू हुई ये सेवा
Gaya Community Health Center News: गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अब जिला अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है। ज़िला पदाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम ने बोधगया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सिजेरियन सेक्शन (ओटी सेक्शन) सेवा का विधिवत उद्घाटन किया।
ज़िला पदाधिकारी डॉ.त्यागराजन एसएम ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को लगातार बेहतर किया जा रहा है। इसी कड़ी में बोधगया सीएचसी में सिजेरियन सेक्शन सेवा शुरू किया गया है। अब बोधगया क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को सीएचसी में ही बड़ा ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी और उनका सुरक्षित प्रसव हो सकेगा।

पहले गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए अगर ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती थी तो सीएचसी से उन्हें जिला महिला अस्पताल रेफर करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि अन्य सीएचसी में भी सिजेरियन सेक्शन सेवा का जल्द ही विस्तार किया जाएगा। पहले बोधगया से गया या पटना इलाज के लिए जाने में 40 हजार से 50 हजार रुपये तक खर्च हो जाते थे परंतु अब यह इतनी बड़ी राशि मरीजो की बचत होगी।
बोधगया सीएचसी प्रभारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि सिजेरियन सेक्शन की सेवा शुरू होने से क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को काफी सुविधा मिलेगी। डीएम के द्वारा उद्घाटन के दौरान सीएचसी के स्वास्थ्य व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बिंदुओं पर निर्देशित किया गया है। जिसका अनुपालन सख्ती से सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके पूर्व डीएम ने प्रखंड के मोराटाल पंचायत के छांछ गांव में 1.25 करोड़ रुपए की लागत से सवा एकड़ में बने एपीएचसी (अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र) के नवनिर्मित भवन का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार सिंह को डीएम ने एपीएचसी तत्काल फंक्शनल करने का निर्देश दिया।
इस एपीएचसी में कुल 12 कमरे हैं जिनमें मुख्य रूप से इनडोर सेवा हेतु 6 बेड की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा प्रसव कक्ष, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, मेडिकल स्टोर सहित अन्य कमरा को डेडीकेटेड किया गया है। बसारी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का आज दोपहर 2:00 बजे जिला पदाधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण किया गया।
आपको बता दें कि उक्त समय सभी बच्चियों खाना खा रही थी। जिला पदाधिकारी ने उक्त कस्तूरबा बालिका विद्यालय की साफ सफाई देखकर वहां के वार्डन को काफी सराहना किया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि काफी सुव्यवस्थित तरीके से विद्यालय को रखने का कार्य किया है।
इसके अलावा उन्होंने देखा कि सभी बच्चियों अच्छी तरह से रहन-सहन में है। इस पर भी उन्होंने काफी सराहना किया है। इसके पश्चात विद्यालय में स्थित लाइब्रेरी को देख जिला पदाधिकारी काफी प्रभावित हुए और लाइब्रेरी को और बेहतर उपयोग करने के लिए बच्चियों को प्रेरित करने का निर्देश दिया है ताकि उक्त लाइब्रेरी का पूरी तरह सदुपयोग हो सके।
लाइब्रेरी में और किसी भी प्रकार की पुस्तक एवं अन्य सामग्रियों की जरूरत पड़ने पर तुरंत आपूर्ति एवं व्यवस्था करवाने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने रैंडमली बच्चियों से पढ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओं के बारे में फीडबैक भी लिया है।












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