Bihar News: Freedom Fighter की बेटी विजय लक्ष्मी की हालत जान आपकी की भी भर आएंगी आंखें, जानिए वजह
Freedom Fighter Jamui, Bihar News: बिहार में स्वतंत्रता सेनानियों का जब भी ज़िक्र होता है तो, एक नाम जगदीश लोहार को ज़रूर याद किया जाता है। अंग्रेज़ों से लोहा लेने वाले जगदीश लोहार को ज़िंदा या मुर्दा लाने वाले के लिए अंग्रेज़ों उस ज़माने में 10 हज़ार रुपये का इनाम रखा था।
अंग्रेज़ों की ज़ुल्म की यह इंतहा थी कि उन्होंने जगदीश लोहार का मकान ढा दिया, ज़मीन नीलाम कर दी। देश की आज़ादी के लिए लड़ जगदीश लोहार के परिवार के सदस्य आज किस हाल में हैं, इस पर कोई चर्चा नहीं हो रही है। कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पुर्वजो ने अपनी क़ुर्बानी देकर देश को आज़ाद कराया लेकिन उनके परिवार बद से बदतर हालत में ज़िदगी जीने को मजबूर हैं।

आज हम आपको आज़ाद़ी के दीवाने जगदीश लोहार की बेटी विजया लक्ष्मी की हालत बताने जा रहे हैं, जिनकी स्थिति देख आपकी भी आंखें भर आएंगी। रोड किनारे बने यात्री शेड में ज़िंदगी गुज़ार रही विजय लक्ष्मी अपने एक बेटे के साथ ज़िंदगी बसर कर रही हैं।
विधवा पेंशन के तौर पर 2400 रुपये महीना में वह किसी तरह से मानसिक रूप से विक्षिप्त बेटे का इलाज और खुद की ज़रूरते पूरी कर रही है। यात्री शेड में बने 10 बाय 20 के कमरे रहती हैं। वहीं एक छोटा सिलेंडर रखा हुआ, जिसकी मदद से खाना बनाती हैं। वहीं छोटे से कमरे मे ही कोने में शौचालय बनाया हुआ है। शौचलाय के सामने की खाना खाती हैं, वहीं बर्तन भी धोती हैं।
स्वतंत्रता सेनानी की बेटी विजय लक्ष्मी ने कहा कि जिला प्रशासन से मदद की अब कोई उम्मीद नहीं बची है। पीएम मोदी तक अगर मेरी बात पहुंच जाए तो हालात सुधर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अफ़सोस की बात है कि देश स्वतंत्रता सेनानी का परिवार बुरे हालातों में जी रहा है।
बुरे हालात में ज़िंदगी गुज़ार रहे लोगों की कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने बताया कि पहले भी वह कई बार अपने पिता से जुड़े काग़ज़ात पीएम के पास भेजा था। इसके बाद हर महीने 2 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद मिल रही है। पीएम मोदी तक मेरी बात पहुंच जाए तो वह स्वतंत्रता सेनानी के परिवार की सुध लेते हुए तस्वीर ज़रूर बदल देंगे।












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