Exit Poll Accuracy: कितने सही होते हैं एग्जिट पोल के नतीजे? कब-कब गलत साबित हुए सर्वे के अनुमान
Exit Poll Accuracy: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को हो रहा है और इसी के साथ अब पूरा देश एग्जिट पोल के नतीजे का इंतजार कर रहा है जो शाम 6 बजे तक आ सकते हैं। चुनावी माहौल में हर तरफ सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है - "कौन बनाएगा बिहार में सरकार?" मतदान के बाद अब निगाहें एग्जिट पोल के अनुमानों पर टिकी हैं।
हर बार की तरह इस बार भी एग्जिट पोल को लेकर उत्सुकता चरम पर है। मीडिया चैनलों और सर्वे एजेंसियों ने अपने-अपने आकलन जारी करने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, इतिहास गवाह है कि कई बार एग्जिट पोल के अनुमान और असली नतीजे एक-दूसरे से बिल्कुल उलट साबित हुए हैं।

2015 और 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में भी एग्जिट पोल्स ने जो तस्वीर दिखाई थी, नतीजों में वह पूरी तरह बदल गई थी। आइए नज़र डालते हैं कुछ ऐसे चुनावों पर जब एग्जिट पोल के सभी दावे धराशायी हो गए।
2023 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव: जब एग्जिट पोल फेल हुए
2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल ने कांग्रेस को आसान जीत दिलाते हुए दिखाया था। लेकिन नतीजे बिल्कुल उलटे रहे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 50 से अधिक सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की। इसने सभी सर्वेक्षणों को गलत साबित कर दिया। वहीं मध्य प्रदेश में सिर्फ कुछ संस्थाओं - India Today-Axis My India, Today's Chanakya और India TV-CNX - ने ही बीजेपी की बड़ी जीत का सही अनुमान लगाया था।
2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव: AAP की सुनामी का अंदाज़ा किसी को नहीं था
2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल ने आम आदमी पार्टी (AAP) को बहुमत मिलता दिखाया था, लेकिन किसी ने भी उस ऐतिहासिक जीत का पूर्वानुमान नहीं लगाया था जो नतीजों में सामने आई। AAP ने 70 में से 67 सीटें जीत लीं - जबकि एग्जिट पोल ने अधिकतम 50 सीटों तक का ही अनुमान जताया था।
2015 बिहार विधानसभा चुनाव: महागठबंधन की बड़ी जीत से चौंके विशेषज्ञ
बिहार के 2015 विधानसभा चुनाव में एग्जिट पोल्स ने बेहद कड़ा मुकाबला दिखाया था। लेकिन जब नतीजे आए तो लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। राजद सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए बुरी तरह पिछड़ गया। एग्जिट पोल की भविष्यवाणी पूरी तरह गलत साबित हुई।
2024 लोकसभा चुनाव: '400 पार' का दावा रह गया अधूरा
2024 के लोकसभा चुनाव में कई एग्जिट पोल्स ने बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को "400 पार" तक दिखाया था। लेकिन वास्तविक नतीजों में एनडीए को सिर्फ 293 सीटें मिलीं। बीजेपी की सीटें घटकर 240 रह गईं - जो 2019 की तुलना में 63 कम थीं। वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन ने 235 सीटें जीतकर मजबूत प्रदर्शन किया। यह एग्जिट पोल्स की सबसे बड़ी चूक में से एक साबित हुआ।
2024 हरियाणा विधानसभा चुनाव: उलट गया सारा गणित
हरियाणा चुनाव 2024 में एग्जिट पोल्स ने कांग्रेस को भारी बहुमत की स्थिति में दिखाया था, 44 से 64 सीटों तक का अनुमान था। जबकि बीजेपी को सिर्फ 15-32 सीटों के बीच बताया गया। लेकिन जब नतीजे आए, तो बीजेपी ने 48 सीटें जीत लीं और कांग्रेस पिछड़ गई। एग्जिट पोल्स एक बार फिर पूरी तरह गलत साबित हुए।
2017 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: हंग विधानसभा की जगह ऐतिहासिक जीत
उत्तर प्रदेश चुनाव 2017 में लगभग सभी एग्जिट पोल्स ने हंग विधानसभा की भविष्यवाणी की थी। लेकिन नतीजों में बीजेपी ने रिकॉर्डतोड़ 325 सीटें जीत लीं। इस नतीजे ने सभी राजनीतिक विश्लेषकों और सर्वे एजेंसियों को हैरान कर दिया।
2014 लोकसभा चुनाव: एग्जिट पोल्स की सीमा से आगे निकली बीजेपी
2014 के आम चुनाव में एग्जिट पोल्स ने एनडीए को बहुमत के करीब बताया था, लेकिन असली नतीजों में बीजेपी ने अकेले दम पर 282 सीटें जीत लीं। मोदी लहर ने सारे अनुमान ध्वस्त कर दिए।
2004 लोकसभा चुनाव: जब एनडीए की जीत के दावे हुए ध्वस्त
2004 के लोकसभा चुनाव में लगभग हर एग्जिट पोल ने एनडीए को आरामदायक बहुमत देते हुए 240 से 275 सीटें मिलने का अनुमान जताया था। लेकिन नतीजों ने सबको चौंका दिया - एनडीए को सिर्फ 187 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने 216 सीटें जीतकर सत्ता संभाली।
एग्जिट पोल सिर्फ संकेत, नतीजे ही सच्चाई
इतिहास बताता है कि एग्जिट पोल्स अक्सर गलत साबित हुए हैं - कभी-कभी पूरी तरह से। 2004 से लेकर 2024 तक कई बार ऐसा हुआ जब सर्वेक्षणों के सारे समीकरण धराशायी हो गए। इसलिए जब तक आधिकारिक नतीजे नहीं आते, एग्जिट पोल्स को सिर्फ एक "संकेत" की तरह देखना ही समझदारी है, न कि सच्चाई की तरह।












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