Bihar Vidhansabha Chunav: चुनाव में सुशांत सिंह राजपूत की बहन हारीं या जीतीं?
Bihar Vidhansabha Chunav: विधानसभा 2025 में दीघा सीट से इस बार भी बीजेपी ने अपना परचम लहराया है। चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार संजीव चौरसिया ने बड़ी और निर्णायक जीत दर्ज करते हुए, अपने विरोधी उम्मीदवार दिव्या गौतम को भारी अंतर से पराजित किया। यह सीट शुरू से ही सुर्खियों में रही थी क्योंकि इस बार मुकाबला एक चर्चित और भावनात्मक मुद्दे से भी जुड़ा था। बता दें, दिव्या गौतम दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की कजिन बहन हैं।

59,079 वोटों के विशाल अंतर से जीत
संजीव चौरसिया ने कुल 1,11,001 वोट हासिल किए, जबकि भाकपा की उम्मीदवार दिव्या गौतम को 51,922 वोट मिले। इस तरह चौरसिया ने 59,079 मतों के जबरदस्त अंतर से जीत अपने नाम की। यह अंतर न केवल उनकी लोकप्रियता दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि दीघा सीट पर भाजपा का वोट बैंक लगातार मजबूत बना हुआ है।
सुशांत सिंह राजपूत की बहन रहीं चुनाव का केंद्र
भाकपा से मैदान में उतरी दिव्या गौतम, दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की बहन हैं। उनकी उम्मीदवारी ने इस सीट को पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना दिया था। हालांकि जनता की सहानुभूति उन्हें पर्याप्त बढ़त नहीं दिला सकी, क्योंकि उनके सामने संजीव चौरसिया जैसा अनुभवी और मजबूत उम्मीदवार खड़ा था। एनडीए और महागठबंधन के पारंपरिक मुकाबले के बीच जन सुराज पार्टी ने भी अपने उम्मीदवार रितेश रंजन को मैदान में उतारा। इससे चुनाव त्रिकोणीय हो गया, हालांकि अंतिम लड़ाई भाजपा और भाकपा के बीच ही सिमट गई।
दीघा सीट का राजनीतिक इतिहास
2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई दीघा विधानसभा सीट ने 2010 में पहला चुनाव देखा था, जिसमें पूनम देवी विजेता बनी थीं। इस क्षेत्र में महिला मतदाताओं की भागीदारी और प्रभाव हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है, और यही वजह है कि यहां महिला उम्मीदवारों को अक्सर मजबूत समर्थन मिलता रहा है।
लगातार दूसरी जीत से चौरसिया की पकड़ मजबूत
2020 में भी संजीव चौरसिया ने जीत दर्ज की थी। उस समय उन्होंने भाकपा (माले) की शशि यादव को 46,000 से अधिक वोटों के अंतर से हराया था। 2025 में एक बार फिर उन्होंने साबित कर दिया कि दीघा में उनकी पकड़ बेहद मजबूत है और यहाँ के मतदाता उनके कामकाज से संतुष्ट हैं।












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