डायलिसिस सेंटर ने नहीं लिए पुराने नोट, किडनी फेल होने से महिला की मौत

बिहार में डायलिसिस सेंटर ने किडनी की समस्या से जूझ रही महिला का इलाज पुराने नोट लेकर करने से इंकार कर दिया।

बिहार। बिहार के गया में किडनी फेल होने के बाद इलाज के लिए गई महिला के परिजनों के पास नए नोट नहीं थे, डायलिसिस सेंटर ने पुराने नोट लेकर इलाज से इंकार कर दिया। इलाज ना मिलने से महिला ने दम तोड़ दिया।

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किडनी की समस्या से जूझ रही जूझ रही मंजू देवी की तबीयत खराब होने पर उसका पति गया के अनुराग नारायण मगध मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल ले गया था। मंजू का पति एक दिहाड़ी मजदूर है। डॉक्टकों ने पाया कि गर्भपात हो जाने और किडनी फेल की वजह से मंजू की स्थिति गंभीर है।

डॉक्टरो ने बुधवार को मंजू को डायलिसिस सेंटर रेफर कर दिया। जब परिजनों ने डायलिसिस सेंटर पर बुकिंग कराई तो वहां पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया गया। डायलिसिस मुंबई की एक मल्टीनेशनल फर्म द्वारा चलाया जाता है।

परिजनों ने जब डॉक्टरों से डायलिसिस सेंटर के पुराने नोट ना लेने की बात बताई तो डॉक्टरों ने सेंटर को चिट्ठी लिखकर सरकार के नियम का हवाला देते हुए पुराने नोट लेने की बात कही।

डॉक्टरों की चिट्ठी के बावजूद डायलिसिस सेंटर ने नहीं किया इलाज

अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधीर सिन्हा ने बताया कि डायलिसिस सेंटर ने ना अस्पताल की बात मानी, ना ही सरकारी नियम को माना और पुराने नोट लेने से इंकार कर दिया।

डायलिसिस सेंटर ने महिला को भर्ती नहीं किया जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। गया जिले की पुलिस ने भी इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है।

आपको बता दें कि 8 नवंबर को पीएम मोदी के 500 और 1000 को नोट पर बैन के ऐलान के बाद जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। देशभर में पिछले 15 दिन में 80 से ज्यादा मौत हो चुकी हैं, जिनका संबंध नोटबैन से है। इसको लेकर विपक्षी पार्टियां संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन कर रही हैं।

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