BPSC Result 2022: एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने पहली कोशिश में लहराया परचम

BPSC Result 2022: बिहार लोक सेवा आयोग 31वीं न्यायिक सेवा परीक्षा के परिणाम में भावना नंदा (रांची) ने टॉप किया है। वहीं दिव्यांशु गुप्ता (मध्य प्रदेश) सेकंड टॉपर हैं। बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले राघव कुमार ने...

BPSC: बिहार लोक सेवा आयोग 31वीं न्यायिक सेवा परीक्षा के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। साक्षात्कार में कुल 688 उम्मीदवार भाग लिया था जिसमें 214 अभ्यर्थियों को कामयाबी मिली है। ग़ौरलब है कि कुल 221 सीटों की भर्ती के लिए रिक्तियां निकाई गई थी। आपको बता दें कि 31वीं न्यायिक परीक्षा का विज्ञापन 2020 में ही दिया गया था। क़रीब दो साल बाद अगस्त 2022 से लेकर सितंबर 2022 तक साक्षात्कार हुआ । वहीं परिणाम घोषित होने के बाद कई अभ्यर्थियों के संघर्ष की कहानी सुर्खियों में है।

भाई-बहन को एक साथ मिली कामयाबी

भाई-बहन को एक साथ मिली कामयाबी

बिहार लोक सेवा आयोग 31वीं न्यायिक सेवा परीक्षा के परिणाम में भावना नंदा (रांची) ने टॉप किया है। वहीं दिव्यांशु गुप्ता (मध्य प्रदेश) सेकंड टॉपर हैं। बिहार के मोतिहारी जिले के रहने वाले राघव कुमार ने तीसरा स्थान हासिल किया है। वहीं चौथे स्थान पर मधुबनी की रहने वाली स्नेहा मिश्रा हैं। पांचवें स्थान पर मधेपुरा की पायल मिश्रा ने कामयाबी हासिल की है। वहीं इन सबके अलावा एक ही परिवार के तीन सदस्यों को पहली बार में मिली कामयाबी भी सुर्खियों में बनी हुई है। आइए जानते हैं उनके संघर्ष की कहानी।

एक ही परिवार के 3 बच्चों ने लहराया परचम

एक ही परिवार के 3 बच्चों ने लहराया परचम

बिहार लोक सेवा आयोग की 31वीं न्यायिक सेवा परीक्षा में दरभंगा की दो बटियों ने कामयाबी का परचम लहराया है, इसके साथ ही उनके भाई ने भी पहली कोशिश में ही कामयाबी हासिल की है। शिप्रा कुमारी और नेहा कुमारी सगी बहने हैं और अनंत कुमार उनके चचेरे हैं। एक ही परिवार से भाई-बहनों को मिली कामयाबी से परिवार वालों समेत गांव में जश्न का माहौल है। उनके परिवार में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

पहली कोशिश में मिली कामयाबी

पहली कोशिश में मिली कामयाबी

बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में पहली कोशिश में कामयाबी मिलने पर ग्रामीणों ने खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने बताया कि इस परिवार के बच्चे शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी आगे रहते आए हैं। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने पहले ही प्रयास में सफलता पाई है, यह हम सभी लोगों के लिए गर्व की बात है। इन्होंन चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एलएलएम तक की पढ़ाई की है।

शिप्रा औऱ नेहा के पिता हो चुके हैं पद से रिटायर

शिप्रा औऱ नेहा के पिता हो चुके हैं पद से रिटायर

शिप्रा कुमारी और नेहा कुमारी के पिता पुलिस इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत हो चुके हैं, औऱ अब वह दरभंगा में ही रहते हैं। बेटी की कामयाबी पर उन्होंने खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि उनकी बेटियों ने सभी लोगों को गौरवांवित महसूस करवाया है। वहीं दोनों बहनों के चचेरे भाई अनंत कुमार के पिता मथुरापुर मिडिल स्कूल (दरभंगा) में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।

चाचा को दिया कामयाबी का श्रेय

चाचा को दिया कामयाबी का श्रेय

पहली कोशिश में कामयाब होने वाले भाई-बहनों ने अपनी कामयाबी का मंत्र बताते हुए कहा कि उन्हे अपने चाचा से प्रेरणा मिली। उनके चाचा उदय लाल देव का उनकी कामयाबी में अहम योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि उनके चाचा पेशे से वकील हैं और दरभंगा कोर्ट में वकालत करते हैं। उन्होंने ही बच्चों को न्यायिक सेवा की जानकारी दी और उन्हें कामयाब होने के लिए घर पर ही टिप्स भी दिया। बच्चों ने अपने चाचा के दिए मंत्र से कड़ी मेहनत की और पहली ही कोशिश में कामयाबी हासिल कर अधिकारी बन गए।

ये भी पढ़ें: बीमार पति और बच्चों की ज़िम्मेदारी फिर भी हिम्मत नहीं हारी, लोगों ने कहा 'सरिता को सलाम'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+