Paper Leak Case: सरकारी नौकरी को लेकर सेटिंग का खेल, इस तरह गिरफ्तार हुए DSP रंजीत
67वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामलें आर्थिक अपराध इकाई को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार पुलिस के डीएसपी रंजीत कुमार रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पटना, 13 जुलाई 2022। बीपीएससी की पीटी परीक्षा प्रश्न लीक मामले में आर्थिक अपराध इकाई लगातार जांच कर रही है। ईओयू को जांच मामले में बड़ी कामयाबी मिली है, प्रश्न पत्र लीक मामले एक और गिरफ़्तारी हुई है। ग़ौरतलब है यह कोई आम इंसान नहीं बल्कि पटना डीएसपी रंजीत कुमार हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार ईओयू की टीम उनसे पूछताछ कर रही थी, मंगलवार की देर शाम उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया। आपको बता दें कि 8 मई 2022 (रविवार) के दिन सोशल मीडिया पर 67वीं बीपीएससी की पीटी परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गया था। जिसके बाद आयोग ने जांच रिपोर्ट के मद्देनज़र परीक्षा को रद्द कर दिया था।

ईओयू के अधिकारी तीन दिनों से कर रहे थे पूछताछ
67वीं बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले आर्थिक अपराध इकाई को बड़ी कामयाबी मिली है। बिहार पुलिस के डीएसपी रंजीत कुमार रजक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आपको बता दें कि पिछले तीन दिनों से पटना के डीएसपी रंजीत कुमार रजक से पूछताछ की जा रही थी। बिहार आर्म्ड स्पेशल पुलिस के 14वें बटालियन में तैनात डीएसपी रंजीत कुमार रजक को मंगलवार की शाम को गिरफ्तार कर लिया गया। पटना में पोस्टेड डीएसपी रंजीत कुमार से ईओयू के अधिकारी तीन दिनों से पूछताछ कर रहे थे।

बीपीएससी पेपर लीक मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी
डीएसपी रंजीत कुमार से पूछताछ शुक्रवार से शुरू हुई थी जो कि सोमवार तक चली। सूत्रों की मानें तो आर्थिक अपराध इकाई की पूछताछ और जांच के दौरान रंजीत कुमार की तरफ़ से कोई सहयोग नहीं मिल रहा था। ग़ौरतलब है कि ईओयू ने जो सबूत पूछताछ के दौरान पेश किए उसे रंजीत कुमार मान ही नहीं रहे थे। चूंकि मिले सबूत उनके अपराध को प्रमाणित कर रहे थे जिसके आधार पर उन्हें गिरफ़्तार कर ही लिया गया। आपको बता दें कि बीपीएससी पेपर लीक मामले में यह 16वीं गिरफ्तारी हुई है।

कई वर्षों से हो रही है सरकारी नौकरी में धांधली
बीपीएससी पेपर लीक मामले मुख्य अभियुक्त राम शरण सिंह और शक्ति कुमार ((प्राचार्य, इवनिंग कॉलेज) के मोबाइल को खंगालने के बाद ईओयू की टीम को शक्ति कुमार और रंजीत कुमार रजक के बीच हुई बातचीत के सबूत मिले। जिसके बाद पेपर लीक कांड में आरोपी डीएसपी रंजीत कुमार रजक का नाम सामने आया। आपको बता दें कि शक्ति कुमार ने पहले भी पूछताछ के दौरान डीएसपी रंजीत कुमार का नाम लिया था। मोबाइल खंगालने के बाद ईओयू को दोनों के बीच हुई एक साल से बात के कई रिकॉर्ड मिले। सरकारी नौकरी में हो रहे धांधली के खेल में इन दोनों का संबंध काफि पुराना रहा है।

11 मई को रंजीत ने तोड़ दिया था अपना मोबाइल
ईओयू ने बताया कि पेपर लीक 8 मई को हुआ था जिसके बाद रंजीत रजक ने अपना स्मार्टफडोन 11 मई को तोड़ दिया था। मोबाइल के जांच मामले में जब सवाल किया गया तो रंजीत रजक ने अधिकारियों को उलझाने की कोशिश की। रंजीत रजक ने कहा कि पत्नी से झगड़ा होने की वजह से उसने मोबाइल तोड़ दिया था। लेकिन अधिकारियों ने जब पूछताछ में सख्ती बरती तो रंजीत कुमार ने मामले से पर्दा उठाया।आपको बता दें कि आरोपी रंजीत कुमार बिहार के कटिहार ज़िले से ताल्लुक रखता है। फिलहाल वह सपरिवार पटना के महुआ बाग स्थित वीणा विहार अपार्टमेंट में रह रहा है। मंगलवार को ईओयू की टीम ने रंजीत कुमार के फ्लैट की पूरी तरह से तलाशी ली। जिसके बाद उसे गिरफ़्तार कर लिया गया।
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