बिहार वोट अधिकार यात्रा में हंगामा: तेजस्वी की गाड़ी से टूटा जवान का पैर, राहुल का काफिला भी बना हादसे की वजह
Bihar Voter Adhikar Yatra: बिहार में जारी वोटर अधिकार यात्रा अब हादसों और विवादों की वजह से ज्यादा सुर्खियां बटोर रही है। बिहार वोटर अधिकार यात्रा का 21 अगस्त को 5वां दिन रहा और एक बार फिर RJD के नेता तेजस्वी यादव 'लापरवाही' की वजह से चर्चा में हैं। शेखपुरा में झारखंड आर्म्ड पुलिस (JAP) का सिपाही शंभू सिंह (40) सुरक्षा घेरे में चल रहे थे। भीषण गर्मी में अचानक गिरने पर तेजस्वी यादव की गाड़ी उनके पैर के ऊपर से गुजर गई। उनके पैर की हड्डी 3 जगह से टूट गई और उन्हें गंभीर हालत में पटना रेफर किया गया।
दो दिन पहले नवादा में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के काफिले ने भी पुलिसकर्मी महेश कुमार को टक्कर मार दी थी। उनका पैर फ्रैक्चर हो गया और उन्होंने राहुल गांधी की गाड़ी के ड्राइवर पर FIR भी दर्ज करवाई। सोशल मीडिया पर अब इन दोनों घटनाओं को लेकर तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की आलोचना हो रही है।

सोशल मीडिया यूजर बोले- "वीडियो बनाने में आगे, मदद करने में पीछे!"
सोशल मीडिया पर लोग राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की बेदर्दी पर सवाल उठा रहे हैं। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की वोटर अधिकार यात्रा से ज्यादा चर्चा उनकी लापरवाही और संवेदनहीनता की हो रही है।
एक यूजर ने लिखा - "राहुल गांधी तो अक्सर स्क्रिप्टेड वीडियो में गरीबों और घायलों की मदद करते दिखते हैं, लेकिन जब उनकी गाड़ी ने सुरक्षाकर्मी को रौंदा तो वो नीचे उतरने की जहमत तक नहीं उठाते। प्रेस फोटोग्राफरों ने जवान की जान बचाई।"
एक अन्य यूजर ने कहा, "दोनों राजकुमारों की गाड़ी से पुलिसवाले घायल हो गए, लेकिन शर्म की बात यह है कि राहुल और तेजस्वी दोनों उतरे तक नहीं और यात्रा जारी रखते रहे। राहुल गांधी के लिए कहा जाता है कि वे नेताओं से ज्यादा अपने पालतू कुत्ते को अहमियत देते हैं।"
अब सवाल यह है कि जो नेता खुद के हक और अधिकार की लड़ाई का नारा लगाकर यात्रा निकाल रहे हैं, वो अपने सुरक्षाकर्मियों और पुलिसवालों के प्रति इतनी बेदर्दी क्यों दिखा रहे हैं? क्या जनता को सिर्फ राजनीतिक शो-ऑफ दिखाने के लिए सड़क पर उतरे हैं?
वोटर अधिकार यात्रा: राहुल गांधी की गाड़ी के ड्राइवर पर FIR, पुलिस ने कहा-जांच जारी
राहुल गांधी की गाड़ी (थार) के ड्राइवर पर बिहार के नवादा जिले में एक पुलिसकर्मी को टक्कर मारने के मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। यह घटना मंगलवार (19 अगस्त) को 'वोटर अधिकार यात्रा' के दौरान हुई थी, जब राहुल गांधी का काफिला भगत सिंह चौक से गुजर रहा था।
घटना में एक पुलिस कांस्टेबल काफिले की गाड़ी के सामने गिर गया और घायल हो गया। नवादा के एसपी अभिनव धिमान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, "हां, ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आगे की जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।" उन्होंने पहले स्पष्ट किया था कि कांस्टेबल अचानक गिर पड़ा था और गाड़ी ने "सिर्फ उसके पैरों को हल्का सा छुआ था।"
भाजपा ने साधा राहुल गांधी और उनकी यात्रा पर निशाना!
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना को लेकर राहुल गांधी पर हमला बोला था। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स (X) पर एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि राहुल गांधी की गाड़ी ने पुलिसकर्मी को कुचल दिया। वीडियो में पुलिसकर्मी को लंगड़ाते हुए देखा जा सकता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया था।
पूनावाला ने पोस्ट में आरोप लगाया, "राहुल गांधी की गाड़ी ने एक पुलिसकर्मी को कुचल दिया जो गंभीर रूप से घायल हो गया। वंशवादी नेता गाड़ी से उतरकर उसकी मदद तक करने नहीं आए।"
हालांकि, बाद में राहुल गांधी को घायल पुलिसकर्मी की मदद करते हुए भी देखा गया था। एक अन्य वीडियो में राहुल गांधी अपनी गाड़ी रोकते हुए नजर आए, उन्होंने समर्थकों से कहा कि कांस्टेबल को उनकी खुली जीप में लाया जाए। राहुल ने उन्हें पानी पिलाया और अपनी गाड़ी में बैठाया, जिसके बाद यात्रा आगे बढ़ी।
राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट पर फिर से 'वोट चोरी' का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने 21 अगस्त को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर लिखा, ''भारत के प्रिय मतदाताओं,मैं आप सभी से एक सीधा सवाल पूछना चाहता हूं - जो सरकार वोट चोरी से बनी हो, क्या उसका इरादा कभी जनसेवा हो सकता है? नहीं ना! उन्हें आपके वोट की जरूरत ही नहीं, इसलिए आपकी समस्याओं की परवाह भी नहीं।''
उन्होंने आगे कहा, ''आज की स्थिति आपके सामने है -रिकॉर्डतोड़ बेरोजगारी के कारण युवाओं के भविष्य बर्बाद हो रहे हैं। सरकार पूंजीपतियों के खजाने भरती रही! NEET, SSC, Paper leak जैसे घोटालों ने लाखों छात्रों के करियर तबाह कर दिए। सरकार ने मुंह ही फेर लिया! महंगाई आसमान छू रही है, जिससे आम आदमी का जीना दूभर हो गया है। मगर, सरकार टैक्स बढ़ाती गई! रेल हादसों और सड़कों, पुलों जैसे बुनियादी ढांचों के टूटने में सैकड़ों निर्दोष लोगों की असमय मृत्यु हुई। मगर सरकार ने जवाबदेही तक नहीं तय की। पहलगाम से लेकर मणिपुर तक आतंक और हिंसा की घटनाएं हुईं - सैकड़ों लोग मरे। सरकार ने ज़िम्मेदारी तक नहीं ली! नोटबंदी, कोरोना और किसान आंदोलन में लाखों लोगों की जान गई। प्रधानमंत्री ने सहायता तो दूर, संवेदना तक नहीं दिखाई! क्यों? क्योंकि यह सरकार आपकी चुनी नहीं, वोट चोरी से बनी है।''
उन्होंने आखिर में लिखा ''आप जिएं, मरें, तड़पते रहें - इन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इन्हें भरोसा है कि जनता वोट दे या न दे, वो चोरी से फिर सत्ता में आ ही जाएंगे। साफ-सुथरी वोटर लिस्ट स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद है। अपने मताधिकार को यूं जाने मत दीजिए - क्योंकि आपके सारे अधिकार इसी बुनियाद पर टिके हैं। अपनी सरकार चुनिए - जो सचमुच आपकी हो, आपकी जिम्मेदारी उठाए और आपके प्रति जवाबदेह हो। भारत माता और देश के संविधान की रक्षा अपने वोट से कीजिए।''












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