बिहार विधानसभा में 'बाप' पर मचा घमासान, RJD विधायक के बयान से गरमाया सदन, स्पीकर नाराज़ होकर हुए बाहर
Bihar Assembly Bhai Virendra Bap Comment: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र इस बार जनहित के मुद्दों-जैसे बेरोजगारी, शिक्षा या स्वास्थ्य-के बजाय एक विवादास्पद टिप्पणी पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन में बहस उस स्तर तक पहुंच गई, जहाँ 'बाप किसका है?' जैसी टिप्पणी ने न केवल राजनीतिक शालीनता को धूमिल किया, बल्कि विधानसभा को शब्दों के संग्राम का अखाड़ा बना दिया।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के बीच चल रही तीखी बहस पहले से ही गरम थी, लेकिन RJD विधायक भाई वीरेंद्र के कथन ने माहौल को और भी उग्र कर दिया। हालात इतने बिगड़े कि खुद स्पीकर नंद किशोर यादव को नाराज़ होकर सदन से बाहर जाना पड़ा।

क्या हुआ सदन में?
मामला उस वक्त गरमाया जब नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव वोटर लिस्ट रिवीजन के मुद्दे पर आमने-सामने थे। तेजस्वी गरीबों के लिए मांगे जा रहे 11 दस्तावेजों पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में बारिश के इस समय लोग कैसे फॉर्म भरेंगे। इसी बीच, पीछे बैठे भाई वीरेंद्र ने सीट से ही कहा कि, 'ये सदन किसी के बाप की जागीर नहीं है' बस फिर क्या था, सत्ता पक्ष के विधायक भड़क उठे, मंत्रीगण खड़े हो गए, हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ने तत्काल भाई वीरेंद्र से खेद प्रकट करने को कहा, लेकिन वे अड़ गए।
भाई वीरेंद्र बोले- 'मैंने क्या गलत कहा?'
मीडिया से बात करते हुए भाई वीरेंद्र ने सफाई दी और कहा कि, 'मैंने सिर्फ इतना कहा कि ये सदन किसी के बाप की जागीर नहीं है। इसमें क्या गलत है? ये तो संसदीय भाषा है। उल्टा मंत्रीगण तो मुझे गालियां देने लगे। अब मैं किस बात की माफ़ी मांगूं? उन्होंने विजय कुमार सिन्हा को लेकर कहा, क्या वो हमारे नेता हैं? हमारे मालिक हैं? हमारे सामने पैदा हुए हैं। हम क्यों उनकी बात मानें?
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तेजस्वी पर भड़के नीतीश
बता दें कि, विधानसभा में नीतीश कुमार का एक बार फिर उग्र रूप देखने को मिला। सीएम नीतीश ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'अरे छोड़ो ना, जाकर चुनाव लड़ोगे। सबको चुनाव लड़ने का अधिकार है, लेकिन हमने अपना काम किया है। इसी को लेकर हम चुनाव में जाएंगे और एक-एक बात जनता को बताएंगे। अरे जानते हो, तुम तो बहुत छोटे थे उस वक्त। पटना शहर में शाम होते ही कोई घर से बाहर नहीं निकलता था, कहीं जाने का रास्ता नहीं होता था।'
भूल गए हैं कि अब 90 का दशक नहीं रहा- BJP
बाप विवाद पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'मुख्यमंत्री ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि सदन की कार्यवाही समाप्त होने में केवल दो दिन बचे हैं, ऐसे में जनता से जुड़े मुद्दों पर शांति से चर्चा होने देनी चाहिए। लेकिन उनके नेता भाई वीरेंद्र ने कहा, 'क्या यह सदन किसी के बाप की जागीर है?' इस तरह की भाषा और सोच से वे सदन के भीतर गुंडा राज स्थापित करना चाहते हैं। वे भूल गए हैं कि अब 90 का दशक नहीं रहा।' हमने उन्हें स्पष्ट रूप से कहा कि अपनी भाषा के लिए माफी मांगें। अगर वे माफी नहीं मांगते, तो ऐसे लोगों को सदन में बैठने का कोई अधिकार नहीं है।
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