Bihar : 'वाह! गुरुजी वाह', जहरीली शराब से हो रही मौतों पर शिक्षक का अनोखा अभियान
बिहार के समस्तीपुर ज़िले में शराब छोड़ने हेतु बैजनाथ रजक ने एक अनोखा जागरुकता अभियान छेड़ दिया है जिसे देखने के बाद आपकी सोच निश्चित ही बदल जाएगी और आप शिक्षक को बस एक कर्मचारी के रूप में नहीं गुरु के रूप में स्वीकार करेंगे

"गुरु गोविन्द दोउ खड़े, काके लागू पांय, बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय", प्राचीन समय में ईश्वर का ज्ञान कराने वाले को ही गुरु कहा जाता था। ऐसा दर्जा था गुरु का लेकिन आज ऐसा प्रतीत होता हे की समाज शिक्षक के प्रति उदासीन भाव रखने लगा है। मगर आज हम आपको एक ऐसे शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने कबीर के इस दोहे को चरित्रार्थ कर दिखाया है। बिहार के समस्तीपुर ज़िले में शराब छोड़ने हेतु बैजनाथ रजक ने एक अनोखा जागरुकता अभियान छेड़ दिया है जिसे देखने के बाद आपकी सोच निश्चित ही बदल जाएगी और आप शिक्षक को बस एक कर्मचारी के रूप में नहीं गुरु के रूप में स्वीकार करना शुरू कर देंगे।

शिक्षक का शराब छोडो अभियान
दरअसल, बिहार में जहरीली शराब का कहर थम नहीं रहा है। हाल ही में छपरा जिले में जहरीली शराब के चलते 70 लोगों की मौत हो गई थी। छपरा के अलावा सारण, सिवान और बेगूसराय में भी शराब के चलते मौतें हुई हैं। वैसे तो बिहार में शराबबंदी लागू है परन्तु इस तरह के मामले यह साफ़ कर देते हैं कि शराबबंदी पूरी तरह असफल है।
ऐसे में समस्तीपुर जिले के हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कन्या मालदह के शिक्षक बैजनाथ रजक ने इस समस्या से निपटने का जिम्मा अपने ऊपर ले लिया है। बैजनाथ रजक जिस तरह अपने पढ़ाने के अनोखे अंदाज के लिए चर्चित है, उसी तरह शराब के विरोध में उनके द्वारा चलाया जा रहा जागरुकता अभियान भी चर्चाओं में हैं।

"पापा! शराब मत पियो"
बता दें कि बैजनाथ रजक अपना स्कूल कार्य निपटाने के बाद गांव मोहल्ले में शराब छोड़ने हेतु जागरूकता अभियान चला रहे हैं। बैजनाथ अपने इस अभियान में बच्चों को लेकर गांव मोहल्ले में निकलते हैं और लोगों को इसके नुक्सान के बारे में जागरुक करते हैं। इस दौरान बच्चों के हाथ में बैनर और तख्ती होती है जिसपर लिखा होता है, "पापा! शराब मत पियो" या फिर "नशे का जो हुआ शिकार, उजड़ गया उसका घर परिवार"
ख़ास बात यह है कि जब लोगों के सामने उनके अपने छोटे छोटे बच्चे इस तरह की गुजारिश करते हैं तो कई लोगों के आँखों से आंसू भी निकल जाते हैं। यही वजह है कि मास्टर जी अपने क्षेत्र के लोगों को यह समझा पाने में कामयाब हो रहे हैं कि शराब बहुत ही ख़राब चीज है और इससे बचना कितना जरूरी है।
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अभियान का हो रहा है असर
उन्होंने हाल ही में जहरीली शराब से हुई मौतों का उदहारण देते हुए लोगों से यह भी कहा कि "जो भी लोग ऐसा कर रहे हैं, मत करिये। अगर आप भी शराब का सेवन जारी रखते हैं तो आप भी छपरा, सारण, सिवान और बेगूसराय की तरह जहरीली शराब की चपेट में आ सकते हैं।" उन्होंने शराबियों को आइना दिखाते हुए यह भी कहा कि "आप मान के चलिए, आप शराब नहीं पी रहे हैं बल्कि आप अपने बच्चों का भविष्य भी पानी में मिलाकर पी रहे हैं।" जिसके बाद उनके इस अभियान का असर भी देखने को मिल रहा है। इलाके के कई लोग रोज अपने दरवाजे पर अपने ही बच्चों को देख कर शराब छोड़ने का फैसला कर चुके हैं।












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