'पता था बेटा अफसर बनेगा', बिहार के किसान के बेटे ने क्रैक की UPSC, पहले 3 बार हुआ फेल, चौथी बार में मारी बाजी
'पता था बेटा अफसर बनेगा', बिहार के किसान के बेटे ने क्रैक की UPSC, पहले 3 बार हुआ फेल, चौथी बार में मारी बाजी
पटना, 07 जून: सिविल सर्विस परीक्षा (यूपीएससी) के रिजल्ट आने के बाद से सोशल मीडिया पर पास हुई छात्रों की प्रेरित करने वाली कहानियां लोग पढ़ रहे हैं। ऐसी ही कहानी है बिहार के सासाराम (रोहतास ) के सोनू कुमार की, जिन्होंने यूपीएससी परीक्षा 2021 में सफलता हासिल की है। यूपीएससी परीक्षा 2021 में सोनू कुमार को ऑल इंडिया रैंक में 533 रैंक मिला है। सोनू कुमार के पिता अशोक तिवारी किसान हैं। सोनू कुमार ने छोटे से शहर सासाराम स्थित अपने घर पर रहकर ही यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। सोनू ने मानव शास्त्र से यूपीएससी परीक्षा पास की है।

चौथे एटेम्पट में सोनू ने पास की UPSC
सोनू कुमार ने कहा,'' यूपीएससी क्रैक बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। ये मेरा चौथा एटेम्पट था। रिजल्ट आने के बाद से ही घर में खुशी का माहौल है। बहुत से लोग मुझसे मिलने आ रहे हैं, बधाई दे रहे हैं,,,मुझे बहुत खुशी है। मैं अपनी स्कूलिंग सासाराम से ही की है। इसके बाद मैंने चेनारी के कॉलेज से इंटर की है। उसके बाद मैंने आईआईटी गुवाहाटी से केमिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है। उसके बाद मैं सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी में लग गया था''

IIT करने के बाद UPSC में क्यों आएं सोनू?
सोनू कुमार ने कहा, ''देखिए, मैं रोहतास जिला से हूं, यहां पुलिस विभाग में बहुत सारे प्रेरित करने वाले एसपी और पुलिस कप्तान आए हैं। तो मैं बचपन से ही उनके बारे में सुनता रहा हूं। तो उनके कामों से मुझे प्रेरणा मिलती थी। मेरे दिमाग में पुलिस कप्तानों की अच्छी इमेज क्रिएट हो गई थी, इसलिए मेरा रुझान सिविल सर्विस की ओर हुआ। लेकिन कॉलेज जाने तक, मुझे यूपीएससी के बारे में बहुत अधिक जानकारी नहीं थी। कॉलेज में जाने के बाद मुझे बहुत एक्सपोजर मिला। सीनियर छात्रों ने भी मदद की।''

माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
सोनू ने कहा, ''देखिए बेशक सफलता का श्रेय सबसे पहले तो माता-पिता को जाता है। उसके बाद भी आपके तैयारी के इस लंबे जर्नी में बहुत सारे लोग होते हैं, जो आपको मदद करते रहते हैं। दोस्तों ने इमोशनल सपोर्ट हमेशा दिया है। कई बार असफलता भी आपको देखने को मिलती है। तो मैं अपनी इस सफलता का श्रेय दोस्त और माता-पिता दोनों को देना चाहूंगा।''

3 बार फेल होने के बाद भी हार नहीं माने सोनू
सोनू ने कहा, ''पहले दो एटेम्पट में प्रीलिम्स नहीं हुआ था। बहुत छोटे मार्जिन से मिस हो गया था। ये अपने आप में एक मोटिवेशन था कि मैं बहुत कम नंबर से पीछे रहा। बाकी जब मेरा तीसरा एटेम्पट था तो मैंने मेन्स दिया था लेकिन मैं सफल नहीं हो पाया था। मेरे पास के छात्रों को देखकर मुझे प्रेरणा मिली और मैंने फिर चौथी बार एटेम्पट किया और सफल हुआ।

मां ने कहा- पता था एक दिन मेरे बेटा अफसर बनेगा
ईटीवी बिहार से बात करते हुए सोनू कुमार की मां प्रतिमा देवी ने कहा, ''मुझे पता था की मेरे बेटे में प्रतिभा है और वह एक दिन अफसर बनेगा। मैं उसे अधिकारी बनते देखना चाहती हूं। मेरे लिए ये बहुत बड़ी बात है। मुझे अपने बेटे पर गर्व है।'' वहीं पिता अशोक तिवारी ने भी खुशी जताई है। तीन भाई-बहनों में सोनू सबसे बड़े बेटे हैं।












Click it and Unblock the Notifications