Bihar Politics: मोकामा और गोपालगंज के अलावा एक और सीट पर क्यों होगा उपचुनाव, जानिए वजह
विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी करते हुए जानकारी दी है कुढ़नी से आरजेडी विधायक अनिल सहनी एलटीसी घोटाला मामले में दोषी पाए गए हैं। इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई है। एलटीसी घोटाला क्या है ?
Bihar Politics: बिहार में राजद को एक और झटका लगा है, मोकामा विधायक अनंत की सदस्यता जाने के बाद एक और राजद विधायक की सदस्यता खत्म हो गई है। मोकामा विधानसभा और गोपालगंज विधानसभा सीट पर उपचुनाव के बाद अब मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव संभावना जताई जा रही है। दरअसल कुढ़नी से के राजद विधायक अनिल सहनी को एलटीसी घोटाला मामले में दोषी पाया गया है। जिसके बाद उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उनकी विधानसभा की सदस्यता भी खत्म हो गई।

आरजेडी विधायक अनिल सहनी की सदस्यता खत्म
विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी करते हुए जानकारी दी है कुढ़नी से आरजेडी विधायक अनिल सहनी एलटीसी घोटाला मामले में दोषी पाए गए हैं। इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गई है। एलटीसी घोटाला क्या है ? जिसकी वजह से राजद विधायक की सदस्यता खत्म हुई है। इसकी भी जानकारी आपको देंगे। इससे पहले सियासी गलियारों में शुरू हुई चर्चा से भी आपको रूबरू कराने जा रहे हैं। बता दें कि मुजफ्फरपुर में दूसरी बार उपचुनाव होने वाला है।

कुढ़नी में उपचुनाव को लेकर चढ़ा सियासी पारा
मुजफ्फरपुर में बोचहां में उपचुनाव हो चुका है, अब कुढ़नी में उपचुनाव को लेकर सियासी सरगरमियां बढ़ गई हैं। राजद विधायक अनिल सहनी की सदस्यता रद्द होने के बाद कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव तय माना जा रहा है। अनिल सहनी की सदस्यता रद्द होने के बाद से ही सियासी दलों में बयानबाज़ी का दौर शुरु हो चुका है। इसके साथ ही संभावित दावेदारों के नामों पर भी चर्चा शुरू हो चुकी है।

23 लाख 71 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप
अनिल सहनी (राजद, विधायक) के खिलाफ 31 अक्टूबर 2013 को सीबीआई ने एलटीसी घोटाला मामले में केस दर्ज किया था। उस वक्त अनिल साहनी जब राज्यसभा सांसद थे। आपको बता दें कि अनिल सहनी 2010 से लेकर 2018 तक दो बार जेडीयू से बिहार से राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए थे। मौजूदा वक्त में वह आरजेडी के में हैं। अनिल सहनी पर राज्यसभा सांसद रहते हुए बिना यात्रा किए 23 लाख 71 हजार रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने जाली ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास के जरिये लाखों रुपये का घोटाला किया है।

एलटीसी घोटाला क्या होता है ?
छुट्टी और बिना सफर किए भत्ता लेने के मामले में (एलटीसी घोटाला) केंद्रीय सतर्कता आयोग ने सीबीआई को केस ट्रांसफर किया था। इस पूरे मामले में सीबीआई ने सरकारी पद का दुरुपयोग, मनी लाउंड्रिंग एक्ट, धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज किया था। 31 अक्टूबर 2013 में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। उस वक्त अनिल कुमार सहनी, एनएस नायर (एयर इंडिया के तत्कालीन सुपरिंटेंडेंट, ट्रैफिक) और अरविंद तिवारी को कोर्ट 2 साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही सभी पर 3 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था। फिलहाल अनिल सहनी की वजह से राजद की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। बिहार में सभी राजनीतिक पार्टिया उपचुनाव की रणनीतियां तय करने में जुट गई हैं।
ये भी पढ़ें: Bihar By Election: मोकामा सीट पर 'छोटे सरकार’ का रहेगा वर्चस्व या खिलेगा कमल का फूल ?












Click it and Unblock the Notifications