Bihar Politics: प्रवासी बिहारियों पर डोरे डालने के लिए एक्टिव हुई BJP, कितनी सॉलिड है भाजपा की यह योजना? पढ़िए

Bihar Politics: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने प्रवासी बिहारियों को साधने की एक विशेष रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत देशभर में फैले बिहार के मतदाताओं को बिहार लौटकर मतदान करने के लिए प्रेरित किया जाना है।

पश्चिम बंगाल में 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बिहार चुनाव जीतना बीजेपी का सबसे बड़ा मिशन है। यूं तो राज्य में भाजपा के एनडीए गठबंधन को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लीड रहे हैं, लेकिन सत्ताधारी दलों में सबसे बड़ी पार्टी होने की वजह से बीजेपी का दायित्व सबसे व्यापक है। बीजेपी का प्रवासी बिहारी अभियान कितना प्रभावी हो सकता है और इसके राजनीतिक मायने क्या हैं, इसे समझना दिलचस्प है।

bihar politics

Bihar Politics: प्रवासी बिहारी मतदाताओं का महत्त्व

भाजपा नेताओं का अनुमान है कि बिहार के लगभग 2 करोड़ लोग रोजगार, शिक्षा और व्यवसाय के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे हैं। इनमें मजदूर वर्ग से लेकर उच्च पदों पर कार्यरत पेशेवर तक शामिल हैं।

इन प्रवासी बिहारियों में से करीब 1.3 करोड़ लोग अभी भी बिहार में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं। इसपर हमने पहले ही एक विस्तृत रिपोर्ट दी है। ऐसे में, अगर इनमें से बड़ी संख्या में लोग अपने निर्वाचन क्षेत्र में आकर मतदान करते हैं, तो चुनाव परिणामों पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

Bihar Election 2025: भाजपा की चुनावी रणनीति और कार्ययोजना

प्रवासी बिहारियों को चुनाव के दौरान वोट डालने के लिए बिहार लाने की पार्टी की योजना के बारे में वनइंडिया ने बिहार बीजेपी के एक बहुत ही भरोसेमंद सूत्र से बात की तो उन्होंने बहुत ही काम की जानकारियां साझा की हैं:

1.बिहार दिवस का उपयोग:

भाजपा ने इस साल बिहार दिवस को प्रवासी बिहारियों के साथ जनसंपर्क का माध्यम बनाया है।

इसी तरह के कार्यक्रम अन्य राज्यों में भी किए जा रहे हैं, जिससे प्रवासी बिहारियों के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत की जा सके।

2.संबंधों को मजबूत करने का प्रयास:

भाजपा अभी से बिहार के मतदाताओं से भावनात्मक जुड़ाव बनाने का भी प्रयास कर रही है।

बिहार में प्रवासी बिहारियों के रिश्तेदारों से संपर्क कर उन्हें भी मतदान के महत्त्व को समझाने की योजना बनाई गई है।

यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि चुनाव के दिन अधिकतम संख्या में प्रवासी बिहारी मतदाता बिहार में मौजूद रहें।

Bihar Chunav 2025: क्या बीजेपी की यह रणनीति नई है?

भाजपा सूत्र ने हमसे कहा है कि यह रणनीति नई बिल्कुल नहीं है। इससे पहले मुस्लिम समुदाय में मतदान बढ़ाने के लिए इसी तरह की योजनाओं को अपनाया जाता रहा है। मुस्लिम बहुल इलाकों में जागरूकता अभियानों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता रहा है कि समुदाय के अधिक से अधिक लोग मतदान करें। बीजेपी ने इसी रणनीति को दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों में अपनाया था और इससे उसे लाभ भी हुआ था।

Bihar BJP: क्या बिहार में भाजपा को मिलेगा फायदा?

आंकड़ों की मानें तो 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाले एनडीए और राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) को मिले कुल वोटों में बहुत केम अंतर था। ऐसे में प्रवासी बिहारी मतदाताओं की भागीदारी इस बार के चुनाव में भाजपा के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।

BJP Bihar: भाजपा की इस रणनीति से कुछ महत्वपूर्ण फायदे हो सकते हैं:

मतदान प्रतिशत में वृद्धि: ज्यादा से ज्यादा पंजीकृत मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करना भाजपा के लिए कारगर साबित हो सकता है।

स्थानीय समीकरणों में बदलाव: प्रवासी बिहारी जिन सीटों पर असर डाल सकते हैं, वहां भाजपा या सहयोगियों की स्थिति मजबूत हो सकती है।

Bihar Politics: क्या भाजपा लॉजिस्टिक सपोर्ट देगी?

हालांकि,यह स्पष्ट करने की स्थिति में कोई नहीं है कि प्रवासी बिहारियों को चुनाव के समय बिहार लौटने के लिए किसी तरह की वित्तीय या परिवहन सुविधा प्रदान की जाएगी या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो यह एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है।

समय और संसाधनों की चुनौती: इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं को बिहार लाने के लिए एक मजबूत प्रबंधन तंत्र की जरूरत होगी।

प्रतिद्वंद्वी दलों की प्रतिक्रिया: अन्य दल भी इस रणनीति का जवाब देने के लिए अपने स्तर पर अभियान शुरू कर सकते हैं।

Take a Poll

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+