SSC Exam Bihar: झारखंड में बैन कंपनी, फिर भी बिहार में मिली परीक्षा कराने की जिम्मेदारी
Bihar SSC Exam Blacklisted Company: बिहार में ऑनलाइन परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। जिस निजी कंपनी को पड़ोसी राज्य झारखंड में लापरवाही के आरोपों के बाद दो साल के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया, उसी कंपनी को बिहार में सरकारी परीक्षाओं की जिम्मेदारी दी गई है।
मामला पटना के कुम्हरार स्थित बापू परीक्षा केंद्र से जुड़ा है, जहां बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की ओर से लगातार ऑनलाइन परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इस खुलासे के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया, टेंडर सिस्टम और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

झारखंड में क्यों लगी थी रोक?
इन्नोवेटिवव्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड पर झारखंड सेवा आयोग ने अगस्त 2025 में दो साल का प्रतिबंध लगाया था। मई 2025 में हुई दंत चिकित्सा पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान कई केंद्रों पर तकनीकी और प्रशासनिक खामियां सामने आई थीं। आयोग ने कंपनी से जवाब मांगा, लेकिन संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला। इसके बाद आयोग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया।
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बिहार में कैसे मिला ठेका?
झारखंड में बैन के बावजूद दिसंबर 2024 में इस कंपनी को पटना के बापू परीक्षा केंद्र में ऑनलाइन परीक्षा कराने का ठेका दे दिया गया। यहां करीब 3000 सीटों पर परीक्षाएं आयोजित करने की जिम्मेदारी कंपनी को सौंपी गई। ठेका मिलने के बाद लगातार कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं इसी केंद्र पर कराई गईं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या टेंडर प्रक्रिया में दूसरे राज्यों के रिकॉर्ड की जांच की गई थी।
किन-किन परीक्षाओं का हुआ आयोजन?
बापू परीक्षा केंद्र पर इन्नोवेटिवव्यू इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कई बड़ी परीक्षाएं हो चुकी हैं। इनमें एलआईसी, बीआरएलपीएस जीविका, आरआरबी एनटीपीसी ग्रेजुएट और अंडर ग्रेजुएट परीक्षा, एसटीईटी और सक्षमता परीक्षा चतुर्थ शामिल हैं। 24 सितंबर 2025 से अब तक यहां लगातार परीक्षाओं का आयोजन हुआ, जिससे अभ्यर्थियों की संख्या और जिम्मेदारी दोनों काफी बड़ी रही।
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सरकार और बोर्ड की सफाई
इस मामले पर बिहार ऑनलाइन एग्जामिनेशन एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। वहीं बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सफाई देते हुए कहा कि बापू परीक्षा भवन के लिए विधिवत टेंडर निकाला गया था और उसी प्रक्रिया में कंपनी को छह साल का ठेका मिला। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड में कंपनी के ब्लैकलिस्ट होने की जानकारी उन्हें नहीं थी, जिस पर अब सवाल और गहरे हो गए हैं।












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