Bihar: जितिया पर्व पर बिहार में मचा हाहाकार, अलग-अलग हादसों में 37 बच्चों समेत 7 महिलाएं डूबी
Bihar News: संतान की दीर्घायु, सुखी और निरोगी जीवन के लिए माताओं ने जीवित्पुत्रिका व्रत यानी कि जितिया व्रत मनाया। इस व्रत को मनाने के दौरान बिहार के अलग-अलग जिलो में 37 बच्चों और 7 महिलाओं की नहर-नदी में डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बिहार में हाहाकार मचा हुआ है।
बता दें कि जितिया व्रत का हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है। इस व्रत को महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु के लिए रखती हैं। लेकिन, बिहार में इस व्रत के चलते 37 बच्चों समेत 7 महिलाओं की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, डूबे लोगों में अब तक 43 शव बरामद किए जा चुके हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। वहीं, सीएम के निर्देश पर अब तक 8 मृतकों के परिजनों को मुआवजे के रूप में 4-4 लाख रुपए का नकद भुगतान भी कर दिया गया है।
बिहार के इन जिलों में हुई यह घटना
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, नालंदा, औरंगाबाद, कैमूर, बक्सर, सीवान, रोहतास, सारण, पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, गोपालगंज और अरवल सहित कई स्थानों से डूबने की घटनाएँ सामने आईं।
औरंगाबाद जिले में हुई 8 बच्चों की मौत
औरंगाबाद जिले में त्योहार की खुशी और जश्न का माहौल उस वक्त गम में बदल गया, जब आठ बच्चों की डूबने से मौत हो गई। यह हदासे बरुना और मदनपुर पुलिस थानों क्षेत्र में आने वाले इटाहट और कुशहा गांवों में यह हादसा हुआ है। इसके अलावा, कैमूर और सारण जिलों में डूबने की कई घटनाएं दर्ज की गईं।
भभुआ और मोहनिया में दुर्गावती नदी और तालाब में सात बच्चों की डूबने से मौत हुई है। वहीं, दाउदपुर, मांझी, तरैया और मधौरा के इलाकों में बच्चों सहित कई और मौतें हुईं। इन दिल दहला देने वाली घटनाओं के बीच, NDRF और SDRF कर्मियों के प्रयास निरंतर जारी हैं। उनका खोज और बचाव अभियान जारी है।












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