जिंदा पिता को बताया 'स्वर्गीय', बेटों ने बेच दी करोड़ों की जमीन, 90 साल के बुजुर्ग की डीएम से गुहार
Father declared dead for land sale In Muzaffarpur: बेटों को जीवन का सहारा और बुजुर्गों का सहारा कहा जाता है, लेकिन बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आई यह घटना इंसानियत को शर्मसार कर देती है। यहां एक बुजुर्ग पिता को न केवल अपने ही बेटों की उपेक्षा झेलनी पड़ी, बल्कि बेटों की लालच भरी चालबाजियों का शिकार होकर उन्हें "मृत" घोषित कर दिया गया।
यह शर्मनाक घटना इस बात का प्रमाण है कि जब लालच और आत्मीयता के बीच टकराव होता है, तो कई बार खून के रिश्ते भी टूट जाते हैं। मुजफ्फरपुर के वीरपुर गांव में 90 साल के एक वृद्ध को उस समय गहरा आघात लगा, जब उन्हें पता चला कि उनके सबसे छोटे बेटे ने उन्हें मृत घोषित कर उनकी करोड़ों की जमीन बेच दी। बिना सहमति, बिना हस्ताक्षर और बिना जानकारी के जमीन का सौदा कर देना न सिर्फ कानूनी अपराध है, बल्कि पारिवारिक विश्वास का भी क्रूर अपमान है।

क्या है पूरा मामला?
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव निवासी 90 वर्षीय राजनारायण ठाकुर सोमवार को डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को बताया कि उनके बेटे ने उन्हें मृत घोषित कर 29 जुलाई को मोतीपुर रजिस्ट्री कार्यालय में ज़मीन की रजिस्ट्री करा दी। रजिस्ट्री में उनके नाम के आगे स्वर्गीय लिखा गया, जिससे बिना उनकी सहमति या दस्तखत के ही लाखों की ज़मीन का सौदा हो गया।
राजनारायण ठाकुर के पांच बेटे हैं, लेकिन कोई भी उनके साथ नहीं रहता और न ही देखभाल करता। उन्होंने बताया कि बेटा चोरी-छिपे ज़मीन बेचकर चला जाता है, और जब तक उन्हें या रिश्तेदारों को जानकारी होती है, तब तक सौदा पूरा हो चुका होता है।
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बुजुर्ग ने DM से लगाई गुहार
बुजुर्ग ने जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन से गुहार लगाई कि इस फर्जी रजिस्ट्री को तत्काल रद्द किया जाए और जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि अगर बेटे सभी मिलकर 100 रुपये के स्टांप पेपर पर सहमति से ज़मीन का विभाजन करना चाहें, तो वे इसके लिए तैयार हैं।
डीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए मोतीपुर सीओ और फतेहपुर थाना अध्यक्ष को जांच का आदेश दिया है और रिपोर्ट भी मांगी है। उन्होंने कहा कि यदि धोखाधड़ी साबित होती है, तो संबंधित बेटे पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में गुस्सा और चर्चा
वीरपुर गांव और आसपास के ग्रामीणों में इस घटना से गहरा आक्रोश और संवेदना है। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया में बुजुर्गों और महिलाओं के हस्ताक्षर की सख्त पहचान व सत्यापन की व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक घटनाएं रोकी जा सकें।
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