Weather: अगले 8 घंटे खतरनाक! 13 राज्यों में तूफानी आंधी-बारिश का रेड अलर्ट, वीकेंड पर घर से निकलने से बचें
Weather Today Update 30 May 2026: भारत में मॉनसून अभी पूरी तरह सक्रिय भी नहीं हुआ है, लेकिन मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है जिसने मौसम वैज्ञानिकों से लेकर राज्य सरकारों तक की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों को बेहद संवेदनशील बताते हुए देश के 13 राज्यों में भारी आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन अब तूफानी मौसम नई चुनौती बनकर सामने आ रहा है।

अगले कुछ घंटों के भीतर 70 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं। वीकेंड होने के कारण लोग बाहर घूमने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि इस वीकेंड पर घरों के अंदर ही रहें और सुरक्षित रहें।
Monsoon Update 2026: मॉनसून आगे बढ़ रहा, लेकिन मौसम क्यों हुआ खतरनाक?
आईएमडी के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है। अगले दो से तीन दिनों में इसके अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। इसी दौरान कई चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गए हैं, जिसकी वजह से देश के बड़े हिस्से में मौसम अस्थिर हो गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर पूर्वी भारत तक बनी ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी मिलकर तेज तूफानी गतिविधियों को बढ़ा रही है। यही कारण है कि कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं।
Heatwave: लू से राहत, लेकिन अब आंधी-तूफान का खतरा
पिछले एक सप्ताह से उत्तर भारत के कई शहर 45 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान झेल रहे थे। अब मौसम का रुख बदल गया है। आईएमडी के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में लू की स्थिति लगभग खत्म हो चुकी है और मध्य भारत में भी अगले 24 घंटों में हीटवेव का असर कमजोर पड़ जाएगा।
बारिश और तेज हवाओं की वजह से कई इलाकों में तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इससे गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाएगा।
Delhi Weather Today: दिल्ली में बदला मौसम, 61 KMPH की रफ्तार से चली हवा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार रात मौसम ने अचानक करवट ली। कई इलाकों में तेज हवाओं और हल्की बारिश ने गर्मी से राहत दी। पालम क्षेत्र में हवा की अधिकतम गति 61 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था, लेकिन अब इसमें 3 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच दिल्ली एयरपोर्ट पर देश का पहला एडवांस एविएशन वेदर इंटेलिजेंस सिस्टम 'स्कायकास्ट' भी शुरू किया गया है, जो खराब मौसम की रियल टाइम निगरानी करेगा।
UP Weather Alert: उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा खतरा, 100 KMPH तक पहुंच सकते हैं झोंके
उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। 30 और 31 मई को पश्चिमी और पूर्वी यूपी के कई जिलों में तेज बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका है। मौसम विभाग के लखनऊ केंद्र के अनुसार कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि कुछ इलाकों में झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं।
लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, सहारनपुर और आसपास के जिलों में तेज आंधी से जनजीवन प्रभावित हुआ है। चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर में छत का हिस्सा गिरने से कई लोग घायल हुए। कई जगह पेड़, होर्डिंग और बिजली के खंभे भी गिरे हैं।
UP Red Alert Districts: इन जिलों में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत: चित्रकूट, बांदा, प्रयागराज, कौशांबी, मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रतापगढ़, भदोही, हरदोई, लखीमपुर खीरी, कानपुर नगर, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, आगरा, मथुरा, बिजनौर, बरेली, पीलीभीत, संभल, झांसी, महोबा और ललितपुर समेत 40 से ज्यादा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
Rajasthan Weather Alert: 30 जिलों में ओले और बारिश, तापमान में 10 डिग्री की गिरावट
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है। जयपुर, अलवर, सीकर, झुंझुनूं, बीकानेर, भरतपुर और हनुमानगढ़ समेत करीब 30 जिलों में आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट है। झुंझुनूं जिले के मलसीसर में सबसे ज्यादा 43 मिमी बारिश दर्ज हुई। दौसा में आंधी से जुड़े हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। कई इलाकों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
Bihar-Jharkhand Weather: पटना में 107 KMPH की हवा, कई जिलों में अलर्ट
बिहार में पटना, भागलपुर, सिवान और राजगीर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार को पटना में 107 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा रिकॉर्ड की गई। वहीं झारखंड के रांची, जमशेदपुर, बोकारो और धनबाद में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश और बिजली गिरने को लेकर चेतावनी जारी की है।
Himachal-Uttarakhand-Jammu Kashmir Weather: पहाड़ों में भी बिगड़ेंगे हालात
हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और धर्मशाला में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट है। उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की गई है। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर, रामबन, गुलमर्ग और जम्मू क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है।
पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल में अलर्ट
उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल और चमोली में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ और भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कुल्लू में भी ओले गिरने के साथ मौसम खराब रहेगा। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम बारिश हो सकती है।
South India Rain Alert: केरल से तमिलनाडु तक भारी बारिश की चेतावनी
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 2 जून तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। तमिलनाडु में 'अग्नि नटशत्रम' यानी सबसे गर्म दिन बीतने के बाद अब 15 जिलों में भारी बारिश से तापमान गिर गया है। केरल में 2 जून तक व्यापक बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार कई चक्रवाती सिस्टम सक्रिय हैं, जिनका असर केरल, लक्षद्वीप और दक्षिण भारत के अन्य हिस्सों पर दिखेगा।
तमिलनाडु में 'अग्नि नक्षत्रम' की गर्मी खत्म होने के बाद 15 से अधिक जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, 1 से 4 जून के बीच असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
West Bengal Storm: कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में तबाही, 7 लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल में शुक्रवार को आए तेज तूफान और बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार घर गिरने, बिजली गिरने और करंट लगने जैसी घटनाओं में सात लोगों की मौत हुई है। कई इलाकों में दृश्यता इतनी कम हो गई कि दिन में ही वाहनों को हेडलाइट जलानी पड़ी।
इस साल रूठेगा मानसून! 'अल नीनो' बढ़ाएगा देश की टेंशन (Weak Monsoon El Nino)
एक तरफ जहां यह तूफानी बारिश कुछ दिनों की राहत दे रही है, वहीं मानसून को लेकर मौसम विभाग ने एक बेहद चिंताजनक खबर दी है। आईएमडी के ताजा पूर्वानुमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
विभाग का कहना है कि इस वर्ष देश में मॉनसूनी बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) के लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। IMD के मुताबिक, इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान देश में लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) की सिर्फ 90 फीसदी बारिश होने की उम्मीद है। इसे तकनीकी रूप से कमजोर या सामान्य से कम मानसून माना जाता है।
पूर्वोत्तर भारत में तो बारिश सामान्य रहेगी, लेकिन देश के बाकी हिस्सों (मध्य, उत्तर और पश्चिम भारत) में इस साल कम बारिश होने की आशंका है। इस कमजोर मानसून की सबसे बड़ी वजह 'अल नीनो' (El Nino) का असर है। जून से लेकर अगस्त तक प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति मजबूत बनी रहेगी, जबकि हिंद महासागर का डायपोल (IOD) भी न्यूट्रल रहेगा, जो मानसून को आगे बढ़ने में मदद नहीं कर पाएगा।














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