बिहार ने रचा इतिहास: मोबाइल एप से वोटिंग वाला पहला राज्य बना, मोतिहारी की विभा देश की पहली ई-वोटर
Bihar Mobile App Voting: बिहार ने शनिवार, 28 जून 2025 को इतिहास रच दिया। बिहार अब भारत का वो पहला राज्य बन गया, जहां नगर निकाय उपचुनाव 2025 में मतदाताओं ने मोबाइल फोन से घर बैठे वोट डाले। इस अभिनव पहल के तहत पटना, रोहतास और पूर्वी चंपारण जिलों की छह नगरपालिकाओं में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ई-वोटिंग कराई गई। इसी के साथ बिहार के मोतिहारी की विभा ने मोबाइल एप से पहला वोट डालकर भारत की पहली ई-वोटर होने का गौरव प्राप्त किया।
बिहार निकाय उपचुनाव 2025 में 28 जून को सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग में कुल 489 बूथों पर मतदान हुआ। परंपरागत ईवीएम से वोटिंग के साथ-साथ मतदाताओं ने अपने एंड्रॉयड फोन पर एप इंस्टॉल कर घर बैठे भी मताधिकार का प्रयोग किया।

बिहार चुनाव आयुक्त दीपक प्रसाद ने जानकारी दी कि विशेष तौर पर बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को यह सुविधा दी गई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि अक्टूबर-नवंबर में प्रस्तावित बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी या नहीं।

India first e-voter Vibha: क्या है ई-वोटिंग?
ई-वोटिंग के लिए दो एंड्रॉयड एप जारी किए गए। प्रमुख एप E-SECBHR को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने तैयार किया है। इसे इस्तेमाल करने के लिए मतदाता को पहले ही रजिस्ट्रेशन कर मोबाइल नंबर को मतदाता सूची से लिंक करना होता है। एक मोबाइल नंबर से अधिकतम दो पंजीकृत मतदाता ही लॉगिन कर सकते हैं। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, वे बिहार राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर जाकर ई-वोटिंग कर सकते हैं।

मतदान में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ब्लॉकचेन तकनीक, फेस रिकग्निशन और लाइव फेस स्कैन जैसी अत्याधुनिक प्रणाली लागू की गई। चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया कि सभी आवश्यक उपाय किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या छेड़छाड़ न हो। मोतिहारी की विभा की पहली ई-वोटर बनी हैं।

Bihar Election 2025: बिहार निकाय उपचुनाव 2025 मतदान व परिणाम
शनिवार को हुए मतदान में 26 जिलों की 42 नगर पालिकाओं में कुल 136 सीटों के लिए वोट डाले गए। इसमें 121 वार्ड पार्षद, 8 उप मुख्य पार्षद और 7 मुख्य पार्षद के पद शामिल हैं। नौबतपुर, बिक्रम और खुसरुपुर नगर पंचायतों में कार्यकाल पूरा होने पर चुनाव कराए गए। कुल 3 लाख 79 हजार 674 मतदाताओं में से लगभग 50 हजार से ज्यादा ने मोबाइल या वेबसाइट से ई-वोटिंग के लिए पंजीकरण कराया। वहीं शुक्रवार शाम तक करीब 10 हजार मतदाता मोबाइल एप से मतदान के लिए रजिस्ट्रेशन कर चुके थे।

प्रदेशभर में 538 प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें 296 महिलाएं और 242 पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं। कुछ जगहों पर नौ प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हुए और तीन पदों पर उच्च न्यायालय के आदेश के कारण निर्वाचन प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। ई-वोटिंग की इस ऐतिहासिक पहल ने साफ कर दिया कि बिहार डिजिटल लोकतंत्र की दिशा में पहला कदम रखने वाला अग्रणी राज्य बन गया है। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बन सकता है।












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