Bihar News: बिहार में केंद्र सरकार से 49 करोड़ की हुई थी धोखाधड़ी!, दशकों बाद फिर खुला घोटाला मामला
Bihar Jhuggi Scam News: बिहार की राजधानी पटना से एक बड़ा घोटाला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और झुग्गी-झोपड़ियों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके केंद्र सरकार से 49 करोड़ की रकम धोखाधड़ी से हासिल की गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस रकम में से 3.5 करोड़ की हेराफेरी की गई है।
यह मामला नौबतपुर नगर पंचायत से जुड़ा है, जहां एकीकृत आवास और झुग्गी-झोपड़ी विकास कार्यक्रम के लिए दिए गए फंड का दुरुपयोग किया गया। नौबतपुर में झुग्गी-झोपड़ी नहीं होने के बावजूद, ऐसे लोगों को भी पैसे बांटे गए जो इसके पात्र नहीं थे।

इन लाभार्थियों में सरकारी कर्मचारी, अमीर लोग और बाहरी लोग शामिल थे। कुछ लाभार्थियों को इंदिरा आवास योजना के तहत पहले ही सहायता मिल चुकी थी। 2012 से 2014 के बीच फंड के बंदर बांट की वजह से 2018 में नौबतपुर में मामला दर्ज किया गया, तीन लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी।
8 मई को निगरानी थाने में नौबतपुर के दो लोगों ने नई शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में 2012 से 2014 के बीच हुई धोखाधड़ी की बात दोहराई गई। जांच के बाद पता चला कि केंद्र सरकार से फर्जी दावों के आधार पर धन प्राप्त किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी और नौबतपुर नगर पंचायत का पूर्व अध्यक्ष कौशल कौशिक है।
कौशल कौशिक ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है। कौशिक का दावा है कि ये आरोप नौबतपुर पंचायत में होने वाले चुनाव से जुड़ी साजिश का हिस्सा हैं। उनका मानना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य उन्हें गलत तरीके से फंसाना है। केंद्र सरकार से फंड मिलने से पहले विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर नगरीय विकास एवं आवास विभाग को भेज दी गई थी।
कौशिक का तर्क है कि स्थानीय चुनावों से पहले उनकी छवि खराब करने के लिए यह पूरी स्थिति बनाई गई है। वहीं लोगों का कहना है कि यह घोटाला स्थानीय प्रशासन और निधि आवंटन प्रक्रियाओं के भीतर महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करता है। यह आवास विकास कार्यक्रमों के लिए अभिप्रेत सार्वजनिक संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवालिया निशान है।












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