Bihar News: कौन है रिशुश्री? जिसके घर से मिला 33 लाख कैश, जेल में बंद IAS संजीव हंस से क्या है कनेक्शन?
IAS Sanjeev Hans ED Raid: बिहार के चर्चित IAS अधिकारी संजीव हंस के करीबी ठेकेदार रिशुश्री के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। दिल्ली, गुरुग्राम, सूरत और अहमदाबाद समेत 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान ED ने ₹33 लाख नकद, आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और कई डायरी बरामद की हैं।
रिशुश्री का नाम पहली बार IAS संजीव हंस पर चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमों में सामने आया था। फिलहाल, ED की टीम इस मामले में आगे की गहन जांच में जुटी है, जिससे बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

कौन हैं ठेकेदार रिशुश्री और उनका 'कनेक्शन'?
रिशुश्री पटना के एक बड़े ठेकेदार हैं और IAS संजीव हंस के बेहद करीबी माने जाते हैं। वह पीएचईडी, शिक्षा विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग और जल संसाधन विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण सरकारी विभागों में ठेकेदारी का काम करते हैं। रिशुश्री पर आरोप है कि वह ठेका लेने के एवज में विभाग के अधिकारियों को मोटा कमीशन देते थे और अपने कई लोगों के नाम पर कंपनियां बनाकर सरकारी टेंडर मैनेज करते थे। ED को जून माह में हुई पिछली छापेमारी में उनकी अधिकारियों के साथ सांठगांठ के पुख्ता सबूत मिले थे।
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IAS संजीव हंस पर पहले से चल रहा है मामला
चर्चित IAS अधिकारी संजीव हंस भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पहले से ही जेल में बंद हैं। रिशुश्री का नाम संजीव हंस पर चल रहे मुकदमों और ED की कार्रवाई में प्रमुखता से सामने आया था। ED की जांच का दायरा अब रिशुश्री के माध्यम से संजीव हंस और अन्य अधिकारियों के भ्रष्टाचार के संभावित लिंक तक बढ़ गया है। यह छापेमारी दर्शाती है कि ED इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और भविष्य में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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Bihar news: करोड़ों की संपत्ति और कैश बरामदगी का इतिहास
ED ने इस मामले में पहले भी बड़ी कार्रवाई की है। मार्च महीने में कई ट्रैवल एजेंटों और पटना में सरकारी अधिकारियों के आवासीय परिसरों पर तलाशी ली गई थी, जिसमें कुल ₹11.64 करोड़ नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद अगस्त माह में ठेकेदार रिशुश्री और उनके परिवार के सदस्यों से करीब ₹68 करोड़ 9 लाख की संपत्ति जब्त की गई थी। आज की छापेमारी में ₹33 लाख नकद की बरामदगी इस बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का एक और हिस्सा है।
ED की जांच और आगे की कार्रवाई
आज हुई छापेमारी में ₹33 लाख नकद के साथ-साथ कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और डायरी भी बरामद हुई हैं। इन दस्तावेजों से भ्रष्टाचार के नए सिरे खुल सकते हैं और कई अन्य अधिकारियों व ठेकेदारों के नाम सामने आ सकते हैं। ED की टीम फिलहाल इन सभी सबूतों का विश्लेषण कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस मामले में विशेष निगरानी इकाई को भी ED ने लेटर लिखा था, जो दर्शाता है कि यह एक व्यापक जांच है।
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