Bihar Chunav: कौन है RJD पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव? जिसने तेजस्वी की पत्नी को कहा 'जर्सी गाय', क्या है माजरा
Bihar Chunav 2025 (Tejashwi Yadav wife): बिहार की राजनीति हमेशा से अपने बयानों और विवादों के लिए सुर्खियों में रहती है। इस बार विवाद का केंद्र बने हैं राजद (RJD) के पूर्व विधायक राजबल्लभ यादव (Raj Ballabh Yadav) , जिन्होंने तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री पर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में राजबल्लभ यादव को कहते सुना जा सकता है-"तेजस्वी यादव यादव समाज के वोट मांगते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शादी के लिए यादव समाज की लड़की को योग्य नहीं समझा। शायद वे जर्सी गाय तलाश रहे थे।" हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। लेकिन इतना तय है कि बयान ने बिहार की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है।

RJD कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूटा
तेजस्वी यादव की पत्नी राजश्री यादव, जो चंडीगढ़ से ताल्लुक रखती हैं और राजनीति से दूरी बनाए रखती हैं, पर की गई इस टिप्पणी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को भड़का दिया।
नवादा जिले के सद्भावना चौक पर महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रेनू सिंह की अगुवाई में राजबल्लभ यादव का पुतला फूंका गया। रेनू सिंह ने आरोप लगाया कि "राजबल्लभ यादव, नरेंद्र मोदी की राह पर चल रहे हैं, जिन्होंने सोनिया गांधी पर भी अमर्यादित टिप्पणी की थी।"
क्यों भड़के तेजस्वी समर्थक?
तेजस्वी यादव और राजश्री की शादी को चार साल हो चुके हैं। दोनों के दो बच्चे भी हैं। राजनीतिक हलकों में राजश्री को हमेशा शांत और सादगीपूर्ण महिला के रूप में जाना जाता है। ऐसे में उन पर की गई इस टिप्पणी को सीधे तेजस्वी यादव और यादव समाज की अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है।

कौन हैं राजबल्लभ यादव? (who is Raj Ballabh Yadav)
🔹 राजबल्लभ यादव, आरजेडी के पूर्व विधायक रहे हैं और कभी लालू प्रसाद यादव के करीबी सहयोगियों में गिने जाते थे।
🔹 राजबल्लभ यादव पर फरवरी 2016 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। दिसंबर 2018 में पटना की POCSO अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, साथ ही ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया गया था।
🔹 हालांकि हाल ही में पटना हाईकोर्ट से बरी होने के बाद वे जेल से बाहर आए हैं। राजबल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी वर्तमान में नवादा से आरजेडी की विधायक हैं।
🔹 विभा देवी बिहार के सबसे अमीर विधायकों की लिस्ट में भी शुमार हैं। उनके चुनावी हलफनामे के मुताबिकि उनकी कुल संपत्ति 29 करोड़ रुपये की है।
राजनीति में नया समीकरण?
राजबल्लभ यादव और आरजेडी नेतृत्व के बीच खटास तब बढ़ी, जब 2024 लोकसभा चुनाव में उनके भाई बिनोद यादव को टिकट नहीं दिया गया। उसके बाद से ही वे पार्टी से दूरी बनाकर भाजपा-आरएसएस की लाइन पर चलते हुए नजर आ रहे हैं। राजबल्लभ यादव का यह बयान न केवल उन्हें विवादों के घेरे में खड़ा कर रहा है, बल्कि आरजेडी कार्यकर्ताओं के गुस्से को भी हवा दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।












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