बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने सुनाई अटल बिहारी वाजपेयी की कविता
पटनाः 28 फरवरी यानी कि आज बिहार सरकार के वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने बिहार विधानमंडल में बजट पेश किया। इस बजट को 6 सूत्रों में बांटा गया था, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि में निवेश, कृषि, ग्रामीण शहरी आधारभूत संरचना का विकास और अलग-अलग वर्गों का विकास शामिल हैं। बजट की शुरुआत डिप्टी सीएम व वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कौटिल्य के शब्दों से किया। लेकिन बीच-बीच में भी तारकिशोर प्रसाद शायरी और कविता पढ़ते रहे। इस दौरान उन्होंने स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी की कविता भी सुनाई। ये कविता देश भर में काफी लोकप्रिय है।

साहित्य से जुड़ाव रखने वाले लोग अक्सर इस कविता को गुनगुनाते रहते हैं। बिहार के वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने जिस कविता को पढ़ा उसका शीर्षक है- गीत नया गाता हूं। ये कविता वर्षों पहले अटल बिहार वाजपेयी ने एक कार्यक्रम के दौरान सुनाया था, जिसपर लोगों ने जमकर तालियां बजाई थीं।
गीत नया गाता हूं
टूटे हुए तारों से फूटे वासंती स्वर
पत्थर की छाती मे उग आया नव अंकुर
झरे सब पीले पात कोयल की कुहुक रात
प्राची में अरुणिमा की रेख देख पता हूं
गीत नया गाता हूं
टूटे हुए सपनों की कौन सुने सिसकी
अन्तर की चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी
हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा,
काल के कपाल पे लिखता मिटाता हूं
गीत नया गाता हूं
बता दें कि शुक्रवार को हुई थी बिहार के बजट सत्र की शुरुआत, बजट सत्र में राज्यपाल फागु चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के बावजूद नीतीश सरकार ने पेंशनभोगियों और राज्य के कर्मचारियों को समय पर उनके भुगतान किए।












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