दूसरे चरण में राजद के सबसे अधिक 56 उम्मीदवार, भाजपा के 46 तो जदयू के 43 कैंडिडेट

पटना। दूसरे चरण की 94 सीटों पर 3 नवम्बर को वोटिंग है। दूसरे चरण में सबसे अधिक 56 सीटों पर राजद के उम्मीदवार हैं। 56 में से राजद की 31 जीती हुई सीट हैं। दूसरे नम्बर पर भाजपा है। भाजपा के 46 उम्मीदावर मैदान में हैं। दरअसल भाजपा को दूसरे चरण में 51 सीटें मिली थीं जिसमें से उसने पांच वीआइपी के दे दी। इस चरण में भाजपा ने अपने तीन विधायकों के टिकट काटे। एक भाजपा विधायक की सीट वीआइपी को चली गयी तो वे वीआइपी के सिम्बल पर चुनाव लड़ रहे हैं। तीसरे नम्बर पर जदयू है और उसके 43 प्रत्याशी इस फेज में चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें 13 पहली बार चुनाव मैदान में उतरे हैं। दूसरे चरण के चुनाव में कांग्रेस को 24 सीटें मिली हैं जिसमें से पांच उसकी जीती हुई सीट है। लोजपा के दो ही विधायक हैं और इन दोनों विधायकों की किस्मत इसी फेज में तय होनी है। लोजपा 53 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

दूसरे चरण में राजद के सबसे अधिक 56 उम्मीदवार, भाजपा के 46 तो जदयू के 43 कैंडिडेट


राजद के 56 उम्मीदवार

राजद के लिए दूसरे चरण का चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्यों कि लालू यादव के दोनों पुत्रों का चुनावी भविष्य इसी फेज में तय होना है। तेजस्वी यादव राघोपुर से तो तेजप्रताप यादव हसनपुर से चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी महागठबंधन के सीएम उम्मीदवार हैं, इसलिए भी इस दौर के चुनाव पर सबकी नजर है। राजद की 56 में से 31 सीटें उसकी जीती हुई हैं। उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी विनिंग सीट को बरकरार रखना है। राजद ने हरसिद्धि, केसरिया, बरौली और तरैया के विधायक का टिकट काट दिया है। साहेबपुर कमाल के विधायक श्रीनारायण यादव के जगह उनके बेटे ललन कुमार को टिकट दिया गया है। इस बार राजद ने अपने दो जिलाध्यक्षों को भी टिकट दिया है। गोपालगंज के राजद जिलाध्यक्ष राजेश कुशवाहा को हथुआ से और सारण जिलाध्यक्ष सुनील राय को अमनौर से टिकट दिया है। सामान्य कार्यकर्ताओं को उम्मीदावार बनाना राजद की राजनीति में नयी बात है। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर पहली बार राजद में इतने विधायकों का टिकट भी काटा गया है।

भाजपा के 46 उम्मीदवार

दूसरे फेज में भाजपा के 46 और वीआइपी के पांच उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा कोटे के दो मंत्रियों नंदकिशोर यादव पटना साहिब और राणा रणधीर मधुबन से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने 46 में से 14 उम्मीदवारों को पहली बार अखाड़े में उतारा है। चनपटिया के विधायक प्रकाश राय, अमनौर के विधायर चोकर बाबा और सीवान के विधायक व्यासदेव प्रसाद का टिकट काट कर नये उम्मीदवारों को टिकट दिया है। चनपटिया से उमाकांत सिंह, अमनौर से कृष्ण कुमार मंटू और सीवान से पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव को उम्मीदवार बनाया है। मंटू पहले जदयू में थे और ऐन चुनाव के समय भाजपा में आये। वे 2015 में चोकर बाबा से हार गये थे लेकिन भाजपा ने मंटू पर भरोसा जताया। सीवान में व्यास देव के विद्रोह से ओमप्रकाश की चुनौती बढ़ गयी है। सुगौली के भाजपा विधायक रामचंद्र सहनी अब वीआइपी के सिम्बल पर चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने भागलपुर से केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अर्जित शाश्वत का टिकट काट कर अपने जिलाध्यक्ष रोहित पांडेय को मौका दिया है। रोहित पांडेय की उम्र केवल 36 साल है। भाजपा ने लोजपा के पूर्व नेता सत्येन्द्र सिंह को फतुहा और राजद के पूर्व नेता शील कुमार राय को उजियारपुर से उम्मीदवार बनाया है।

जदयू के 43 उम्मीदवार

दूसरे चरण में जदयू के 43 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं जिनमें दो मंत्री भी शामिल हैं। नीतीश के करीबी नेता में शुमार संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार नालंदा और समाज कल्याण मंत्री रामसेवक सिंह हथुआ से चुनाव लड़ रहे हैं। इस फेज में ही तेजप्रताप के ससुर चंद्रिका राय और विवादास्पद मंत्री रही मंजू वर्मा के भाग्य का फैसला होना है। जदयू ने फुलपरास की विधायक गुलजार देवी की जगह शीला मंडल को चुनावी पारी शुरु करने का मौका दिया है। इसी तरह केसरिया से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ने वाली शालिनी मिश्रा का यह डेब्यू मुकाबला है। जीरादेई के विधायक रमेश कुशवाहा का टिकट काट कर कमला कुशवाहा को मैदान में उतारा गया है। राजगीर के विधायक रवि ज्योति का टिकट काट कर जदयू ने कौशल किशोर पर भरोसा जताया है। रवि ज्योति 2015 में दारोगा की नौकरी छोड़ कर जदयू के विधायक बने थे। इस बार रवि ज्योति कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

लोजपा के 53 उम्मीदवार

मौजूदा विधानसभा में लोजपा के दो विधायक हैं। इन दोनों विधायकों के भाग्य का फैसला दूसरे चरण में ही होना है। लालगंज से राज कुमार साह और गोविंगंज से राजू कुमार तिवारी फिर मैदान में हैं। दूसरे चरण में लोजपा के कुल 53 उम्मीदवार मैदान में हैं। चिराग के चचेरे भाई कृष्ण राज रोसड़ा और बहनोई मृणाल राजापाकर से चुनाव लड़ रहे हैं। चिराग ने नीतीश की पूर्व मंत्री रहीं रेणु कुशवाहा को खगड़िया से उम्मीदवार बनाया है। रामविलास पासवान जिस अलौली सीट से पहली बार (1969) विधायक बने थे उस पर लोजपा ने भावनात्मक जुड़ाव कायम करने की कोशिश की है। यहां से लोजपा के रामचंद्र सदा चुनाव लड़ रहे हैं।

कांग्रेस के 24 उम्मीदवार

दूसरे चरण में कांग्रेस के 24 उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें पांच उसकी जीती हुई सीट हैं। 2015 में विजय शंकर दूबे मांझी विधानसभा क्षेत्र से जीते थे लेकिन इस बार वे महाराजगंज से चुनाव लड़ रहे हैं। डॉ. अशोक कुमार पिछले चुनाव में रोसड़ा से जीते थे लेकिन इस बार वे कुशेश्वरस्थान से चुनाव लड़ रहे हैं। बाहुबली नेताओं में शुमार काली पांडेय कुचायकोट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। काली पांडेय पूर्व सांसद रहे हैं। बेगूसराय की विधायक अमिता भूषण, भागलपुर के विधायक अजीत शर्मा और बेतिया के विधायक मदन मोहन तिवारी फिर मैदान में हैं। मशहूर फिल्म अभिनेता और नेता शत्रुघ्न सिन्हा के पुत्र लव सिन्हा पटना के बांकीपुर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।

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