Success Story Bihar: कभी बेचते थे दर-दर पर कपड़ा फिर पलटी बाज़ी, अब सैकड़ों लोगों को दे रहे रोज़गार

महाजन से कपड़े लेकर सप्लाई करते-करते उन्हें 10 साल हो गए थे काम ठीक ही चल रहा था। इसी बीच व्यापारियों ने उन्हें खुद कपड़ा मैन्युफैक्चरिंग की सलाही दी और व्यापार करने के लिए पूंजी भी दी।

भागलपुर, 24 अगस्त 2022। इंसान अपनी मेहनत से कामयाबी की बुलंदियों को ज़रूर छूता है। इस कहावत को भागलपुर के रहने 34 वर्षीय युवक मनोज कुमार ने चरितार्थ कर दिखाया है। कभी वह दर-जर जाकर कपड़े बेचते थे लेकिन आज वह कामयाबी की सीढियों पर चढ़ते हुए सौकड़ों लोगों को रोज़गार भी दे रहे हैं। मनोज के मिल में खादी, लिनन, कॉटन, चादर, धोती वगैरह तैयार किया जा रहा है। ग़ौरतलब है कि उनका माल सिर्फ़ जिले तक ही नहीं सीमित है बल्कि प्रेदश के विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जा रहा है। इसके अलावा कानपुर, बनारस, दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में भी भेजा जा रहा है।

घर-घर जाकर कपड़ा बेचते थे मनोज

घर-घर जाकर कपड़ा बेचते थे मनोज

मनोज कुमार की शुरुआती ज़िंदगी की बात करें तो वह पहल महाजन से कपड़े लेकर ग्रामीण इलाकों के घरों में जाकर बेचा करते थे। उसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपना दायरा बढ़ाया फिर जिले भर में महाजन से कपड़े लेकर घर-घर में बेचते थे। इसके बाद उन्होंने महाजनों से कपड़ा लेकर दूसरे राज्यों के व्यापारियों को सप्लाई देने शुरू कर दिया। उनकी ईमानदारी और अच्छ स्वाभाव की वजह से क्लाइंट उनपर काफ़ी भरोसा करने लगे औऱ धीरे-धीरे उनका व्यापार बढ़ने लगा।

10 साल तक महाजन से लेकर बेचा कपड़ा

10 साल तक महाजन से लेकर बेचा कपड़ा

महाजन से कपड़े लेकर सप्लाई करते-करते उन्हें 10 साल हो गए थे काम ठीक ही चल रहा था। इसी बीच व्यापारियों ने उन्हें खुद कपड़ा मैन्युफैक्चरिंग की सलाही दी और व्यापार करने के लिए पूंजी भी दी। यहीं से मनोज कुमार की किस्मत का सितारा चमका और वह कामयाबी की ओर आगे बढ़ते हुए भागलपुर में पावरलूम स्थापित किया। दरियापुर में मनोज कुमार की ज़मीन थी उन्होंने वहीं पर अपने लूम को स्थापित किया। इसके साथ ही मनोज कुमार के 36 पावरलूम चलने लगे। अब वह क़रीब 100 लोगों को अपने पास रोजगार दे रहे हैं।

कॉटन की साड़ी तैयार करने की योजना

कॉटन की साड़ी तैयार करने की योजना

मनोज कुमार भागलपुर के नाथनगर के गोलदारपट्टी के रहने वाले हैं। वह अपने यहां कॉटन, लिनन, चादर, खादी धोती तैयार कर प्रदेश के विभिन्न ज़िलों समेत अन्य राज्यों में भी सप्लाई कर रहे हैं। मनोज अब अपने मिल में कॉटन साड़ी तैयार करने की भी योजना बना रहे हैं। साड़ी तैयार करने के साथ ही ब्लाउज भी तैयार किया जाएगा। इसके अलावा रिउन कुर्ती बनाने का विचार कर रहे हैं। मनोज कुमार ने बताया कि अभी सूरत और महाराष्ट्र से कुर्ती मंगा रहे हैं लेकिन जल्द ही यहां साड़ी, ब्लाउज आदि तैयार किया जाएगा।

25 सौ लूम बैठाने की योजना

25 सौ लूम बैठाने की योजना

मनोज कुमार अपने व्यापा को और ज़्यादा बढ़ाते हुए 25 सौ लूम बैठाने की योजना बना रहे हैं। मनोज कुमार ने बताया कि व्यापार बढ़ाने से रोज़गार के अवसर भी पैदा होंगे स्थानीय लोगों को रोज़गार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि लूम बैठ जाने के बाद कम से कम पांच हजार लोगों तुरंत रोजगार मिल पाएगा क्योंकि लूम बैठते ही पांच हज़र लोगों की ज़रूरत पड़ेगी। इसके अलावा वह दूसरे राज्यों से कुशल कारीगर को अपने राज्य में काम देकर बढिया काम करेंगे ताकि अपने प्रदेश का नाम रोशन करते हुए स्थानीय लोगों को भी हुनर सिखा सकूं।

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