Rahul Gandhi जहां पर तालाब में कूद कर पकड़ी थी मछली, वहां कांग्रेस उम्मीदवार का क्या हुआ हाल?
Begusarai chunav result 2025:बिहार विधानसभा चुनाव भाजपा के प्रतिनिधित्व वाले एनडीए गठबंधन ने प्रचंड जीत हासिल की है वहीं विपक्षी महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है। बिहार चुनाव प्रचार के दौरार ककांग्रेस नेता राहुल गांधी का तालाब में कूद कर मछली पकड़ने वाले वीडियो ने खूब सुर्खिया बटोरी थी।
राहुल गांधी जनसभा को संबोधित करने के बाद बेगुसराय में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के साथ एक तालाब पहुंचे थे और उसी दौरान राहुल गांधी ने मछुआरों से बात करते हुए अपनी टी-शर्ट और पैंट पहने ही मछली पकड़ने के लिए तालाब में छलांग लगा दी थी और अनोखे अंदाज में मछली पकड़ कर वोटरों को रिझाने की कोशिश की थी लेकिन इस सीट पर महागठबंधन और कांग्रेस के लिए ये नतीजे चौंकाने वाले साबित हुए हैं।

बेगुसराय में 'वोट' को साधने के लिए राहुल गांधी तालाब में कूदे थे, वहीं पर कांग्रेस और महागठबंधन की लुटिया बुरी तरह से डूब गई है। कांग्रेस को बिहार के बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में करारी हार मिली है। राहुल गांधी के हाई-प्रोफाइल प्रचार अभियान के बावजूद पार्टी मतदाताओं को लुभाने में विफल रही।
कांग्रेस को 31 हजार वोटों के अंतर से मिली करारी हार
बेगूसराय विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुंदन कुमार ने बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अमिता सिंह को हराकर यह सीट अपने नाम की। यहां पर इस सीट पर पहले चरण में 6 नवंबर को मतदान हुआ था। कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण बीजेपी प्रत्याशी कुंदन कुमार से लगभग 31,000 वोटों के बड़े अंतर से चुनाव हार गईं।
क्यों बेहद खास है बेगुसराय सीट?
बेगूसराय विधानसभा सीट को बिहार का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और वित्तीय केंद्र माना जाता है। यह जिला मुख्यालय के साथ-साथ एक विधान सभा क्षेत्र भी है। 1951 में स्थापित इस सीट में बरौनी थर्मल पावर प्लांट और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर एंड केमिकल्स लिमिटेड जैसी बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ शामिल हैं। यह सीट बिहार के 38 जिलों में से एक है, जहाँ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ।
भाजपा की भविष्यवाणी सच निकली
जब राहुल गांधी तालाब में मछली पकड़ने के लिए ताबाल में उतरे थे तो अनुमान लगाया गया था कि वे सियाली पिच पर सहनी वोटरों को अपनी ओर आकर्षित करना चाहते थे। एनडीए के कुछ नेताओं ने इस घटना को चुनावी लाभ के लिए महज एक ड्रामा करार दिया था। राहुल गांधी के विरोधियों ने तब तंज कसते हुए कहा था कि "राहुल गांधी ने जितनी मछली पकड़ी है, उनकी पार्टी को चुनावों में उससे भी कम वोट मिलेंगे।"
बेगुसराय सीट पर भाजपा की लगातार दूसरी जीत
वर्ष 2020 में भाजपा के कुंदन कुमार ने 74,217 वोट प्राप्त कर कांग्रेस की अमिता भूषण (69,663 वोट) और निर्दलीय राजेश कुमार (18,002 वोट) को हराया था। कुंदन कुमार ने 4,554 मतों के अंतर से यह सीट जीती थी। वहीं इस बार फिर भाजपा ने जीत हासिल की है।
2015 में कांग्रेस ने मारी थी बाजी
2015 के चुनाव में कांग्रेस की अमिता भूषण ने भाजपा के सुरेंद्र मेहता को मात दी थी। अमिता भूषण को 83,521 वोट मिले थे, जबकि सुरेंद्र मेहता के खाते में 66,990 वोट आए थे। कांग्रेस ने 16,531 मतों के अंतर से यह सीट जीती थी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राजेंद्र प्रसाद को 5,593 वोट मिले थे।












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