Motivational Story: पिता किसान, मां आंगनबाड़ी सेविका, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हॉस्टन में PhD करेगा बेटा आलोक
Bihari Talent In Abroad: इंसान अगर मेहनत और लगन से कुछ काम हासिल करना चाहे तो उसे कामयाबी ज़रूर मिलती है। बिहार के कई युवाओं ने आर्थिक तंगी को मात देते हुए कामयाबी की इबारत लिखी है। विभिन्न क्षेत्रों में बिहारी ने हुनर के बल पर अलग-अलग मिसाल पेश की है। आज हम आपको बिहार के एक ऐसे ही बेटा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें 1.75 करोड़ की फैलोशिप मिली है। पिता किसान हैं और माता आंगनबाड़ी सेविका, चलिए जानते हैं आलोक की कहानी...
अरवल जिला के बिथरा गांव निवासी आलोक कुमार का सेलेक्शन अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हॉस्टन में हुआ है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले आलोक वहां से पीएचडी करेंगे, गौरतलब है कि उन्हें 1.75 करोड़ की फैलोशिप भी मिली है।

आलोक के पिता रणधीर कुमार ने बेटे के सेलेक्शन पर खुशी का इज़हार किया, बेटे को तरक्की की दुआएं दीं। वहीं मां भी अपने बेटे की कामयाबी गौरवांवित महसूस कर रही हैं। आलोक के परिजनों ने बताया कि आलोक अपने सपने को साकार करने के लिए दिन रात मेहनत करता था।
आलोक के परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी भी अच्छी नहीं थी कि वह विदेशों में जाकर पढ़ाई कर सके, लेकिन आलोक मेहनत में कमी नहीं करता था। आज आलोक ने अपनी मेहनत के बलूते पर आर्थिक तंगी को मात देत हुए अमेरिका के लिए करोड़ों की फेलोशिप हासिल की है।
आलोक पूरे ज़िले में सुर्खियां बटोर रहे हैं, बधाइ देने वालों का तांता लगा हुआ है। आलोक के परिजनों ने कहा कि हर कोई अपने बच्चे को आलोक की मिसाल दे रहे हैं, उनके जैसा बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आपको बता दें कि आलोक अरवल जिले से निकलकर अमेरिका की यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने जा रहे हैं।
आलोक को अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ हॉस्टन से पीएचडी की पढ़ाई के लिए 1.75 करोड़ रुपये की फैलोशिप मिली है। पीएचडी करने के दौरान उन्हें हर महीने 2.50 लाख छात्रवृत्ति, प्रेसिडेंशियल फेलोशिप और फ्री ट्यूशन भी मिलेगा। किसान परिवार ताल्लुक रखने वाले आलोक की कामयाबी हर उस युवा के लिए प्रेरणास्त्रोत है, जो आर्थिक तंगी की वजह से हार मान लेते हैं।












Click it and Unblock the Notifications