Anant Singh: अनंत सिंह अब चुनाव लड़ेंगे या नहीं? गिरफ्तारी के बाद खुद उन्होंने अपने Facebook पोस्ट में बताया
Anant Singh Arrest News: बिहार चुनाव 2025 में बाहुबली नेता अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। मोकामा के पूर्व विधायक और जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह को शनिवार (01 नवंबर) देर रात पटना पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। मामला है आरजेडी नेता दुलारचंद यादव की हत्या का, जो 30 अक्टूबर को जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार के दौरान हुई थी।
गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट किया जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। इस पोस्ट में उन्होंने कहा कि अब चुनाव मोकामा की जनता लड़ेंगी। बताया जा रहा है कि अनंत सिंह गिरफ्तारी के वक्त सफेद शर्ट-पैंट और काले चश्मे में थे। दिनभर वे अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शनिवार देर रात करीब सवा 11 बजे पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा खुद बाढ़ थाना क्षेत्र के बेढ़ना गांव पहुंचे। उनके साथ लगभग 150 पुलिसकर्मी और अधिकारी मौजूद थे। टीम ने कारगिल चौक स्थित अनंत सिंह के आवास को चारों ओर से घेर लिया। थोड़ी ही देर में उन्हें हिरासत में लेकर पटना के लिए रवाना हो गए।
Facebook पोस्ट में अनंत सिंह बोले - 'अब चुनाव मोकामा की जनता लड़ेगी'
गिरफ्तारी के तुरंत बाद अनंत सिंह के आधिकारिक फेसबुक पेज से एक पोस्ट किया गया। उसमें उन्होंने लिखा, "सत्यमेव जयते। मुझे मोकामा की जनता पर पूरा भरोसा है। अब चुनाव मोकामा की जनता लड़ेगी।" इस एक लाइन ने साफ कर दिया कि अनंत सिंह भले ही जेल में हों, लेकिन मोकामा की लड़ाई वे जनता के भरोसे छोड़ चुके हैं। उनके समर्थक इसे उनके 'चुनाव मैदान में बने रहने का संकेत' मान रहे हैं।
जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने क्या कहा?
अनंत सिंह की गिरफ्तारी पर मोकामा से जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सही कदम है, लेकिन देर से आया। अगर FIR दर्ज होते ही कार्रवाई होती, तो हालात शायद अलग होते। वह 50 गाड़ियों के काफिले में घूम रहे थे, चुनाव प्रचार कर रहे थे। अब देर से सही, कार्रवाई तो हुई।" पीयूष ने यह भी कहा कि यह केस अब सिर्फ चुनावी नहीं बल्कि न्यायिक मामला है, और अब देखना होगा पुलिस जांच को किस दिशा में ले जाती है।
पटना SSP का बयान -'घटना के वक्त मौजूद थे अनंत सिंह'
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 30 अक्टूबर को मोकामा में दो प्रत्याशियों के गुटों में भिड़ंत हुई थी। झड़प के दौरान पथराव हुआ और 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई।
जांच के बाद पुलिस को सबूत मिले कि झड़प के समय अनंत सिंह मौके पर मौजूद थे और उन्हीं की मौजूदगी में यह सब हुआ। उन्होंने कहा कि मामले में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन और गंभीर अपराध दोनों शामिल हैं। अनंत सिंह के साथ उनके करीबी मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी गिरफ्तार किया गया है।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी की पूरी टाइमलाइन -मिनट-टू-मिनट एक्शन
बिहार पुलिस ने इस ऑपरेशन को बेहद गुप्त रखा था।
- रात 11:10 बजे: एसएसपी कार्तिकेय शर्मा बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे।
- 11:45 बजे: शुरुआती पूछताछ के बाद अनंत सिंह को हिरासत में लिया गया।
- 1:30 बजे: पटना के डीएम प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पहुंच गए।
- 1:45 बजे: पुलिस टीम अनंत सिंह को लेकर पटना पहुंची।
- 2:00 बजे: प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी ने गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की और बताया कि यह कार्रवाई चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत की गई है।
अब आगे क्या? क्या लड़ पाएंगे चुनाव?
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह का नामांकन रद्द नहीं होता, जब तक अदालत से उन्हें दोषी साबित नहीं किया जाता। इसलिए संभव है कि वे जेल से ही चुनाव लड़ें। हालांकि, अब पूरा चुनावी माहौल उनके फेसबुक पोस्ट पर कही उस एक लाइन पर टिक गया है, "अब चुनाव मोकामा की जनता लड़ेगी।"












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