बिहार में जहरीली शराब का तांडवः दो दिन के भीतर भागलपुर में 17, बांका में 12 तो मधेपुरा में तीन की मौत
पटना। बिहार में एक तरफ जहां होली के मौके पर लोगों ने रंग लगाकर एक-दूसरे के साथ जश्न मनाया। वहीं दूसरी तरफ जहरीली शराब ने बिहार के कई घरों में मातम फैला दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केवल भागलपुर जिले में 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं बांका में 12 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा मधेपुरा में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा कई लोगों का इलाज चल रहा है।

भागलपुर जिले के साहेबगंज मोहल्ले में 4, नारायणपुर में 4, गाोराडीह में 3, कजरैली में 3, मारूफचक, शाहकुंड और नवगछिया के साहू परबत्ता के बोड़वा गांव में 1-1 मौत हुई है। मृतक बिनोद राय के बेटे चंदन राय का कहना है कि शराब पीने से उसके पिता की मौत हुई है। वहीं, भागलपुर में अभिषेक का कहना है कि शराब पीने के बाद से उसे दिखाई नहीं दे रहा है। उसने गांव के ही मिथुन यादव के साथ बैठ कर विदेशी शराब पी थी। इसमें मिथुन की तबीयत बिगड़ने के कारण मौत हो गई, जबकि छोटू को अब कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
वहीं बांका के अमरपुर थाना क्षेत्र के 6 गांवों में 12 लोगों की मौत हो गई। साथ ही मधेपुरा में मुरलीगंज प्रखंड में 2 दिन में 3 लोगों की मौत हो गई। जबकि करीब एक दर्जन लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें से 2 लोगों की आंख की रोशनी चली गई है। सभी को पेट दर्द, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, सिर चकराने की शिकायत थी।
वहीं पटना के एडीजी मुख्यालय ने जेएस गंगवार ने कहा कि वहीं बांका जिले में बीमारी से 10 लोगों की मौत की पुष्टि परिजनों ने की। उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है, पोस्टमार्टम नहीं हो सका। जिला प्रशासन के अनुसार शराब के सेवन से कोई मौत नहीं। सभी 3 मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
कथित तौर पर अवैध शराब के सेवन से हुई मौतों को लेकर जेएस गंगवार ने कहा कि मधेपुरा जिले में सभी 3 मौतें उनके परिजनों के अनुसार पहले से मौजूद बीमारियों/स्वास्थ्य स्थितियों के कारण हुई हैं। फिर भी, हम संदिग्ध स्थानों (शराब की दुकानों) पर छापेमारी कर रहे हैं।
इसके अलााव भागलपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में 4 मौतों में से 2 का पोस्टमॉर्टम किया गया, मौत के कारण की पुष्टि के लिए एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार अन्य 2 की मौत परिजन के अनुसार बीमारी के कारण हुई।












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